{"_id":"5fe8070e8ebc3e3dd43a0a99","slug":"first-day-passed-without-administrator-after-village-head-work-end","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"प्रधानों के कार्यकाल समाप्ति के बाद बिना प्रशासक के गुजरा पहला दिन, आदेश का इंतजार करते रहे एडीओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानों के कार्यकाल समाप्ति के बाद बिना प्रशासक के गुजरा पहला दिन, आदेश का इंतजार करते रहे एडीओ
Sun, 27 Dec 2020 09:31 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 27 Dec 2020 09:31 AM IST
विज्ञापन
सीडीओ इंद्रजीत सिंह।(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानों का कार्यकाल शुक्रवार रात 12 बजे खत्म होने के बाद शनिवार को पंचायतों का पहला दिन नेतृत्व के इंतजार में गुजरा। पहले की तरह न तो प्रधानों के घर पर भीड़ दिखी न ही एक महीने से ब्लॉक कार्यालय और विकास भवन पर कोई प्रधान व प्रधान प्रतिनिधि।
शासन के निर्देश पर प्रधानों की जगह पंचायतों के प्रशासक बनाए गए, एडीओ पंचायत शाम तक आदेश का इंतजार करते रहे। इस दौरान किसी ने उनसे संपर्क भी साधा तो सभी यही जवाब दोहराते रहे कि-अभी प्रशासक बनाए जाने का मुख्यालय से आदेश नहीं मिला है। उधर, पंचायतीराज विभाग की तरफ से सभी के आदेश तैयार कर लिए गए हैं। सिर्फ डीएम के दस्तखत होने बाकी हैं। सोमवार तक सभी एडीओ पंचायतों को उनके प्रशासन बनाए जाने संबंधी आदेश उपलब्ध करा दिए जाने की पूरी संभावना है।
ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर यानी शुक्रवार की रात 12 बजे खत्म हो गया। इसके बाद उनके प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार भी खत्म हो गए। पंचायतों के खातों से कोई धन की निकासी न कर ले इसलिए रात 12 बजकर एक मिनट से प्रधानों के डोंगल को निष्क्रिय किए जाने का काम शुरू हो गया। पीएफएमएस सिस्टम से इसी डोंगल की मदद से प्रधान भुगतान करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शासन के निर्देश पर प्रधानों की जगह पंचायतों के प्रशासक बनाए गए, एडीओ पंचायत शाम तक आदेश का इंतजार करते रहे। इस दौरान किसी ने उनसे संपर्क भी साधा तो सभी यही जवाब दोहराते रहे कि-अभी प्रशासक बनाए जाने का मुख्यालय से आदेश नहीं मिला है। उधर, पंचायतीराज विभाग की तरफ से सभी के आदेश तैयार कर लिए गए हैं। सिर्फ डीएम के दस्तखत होने बाकी हैं। सोमवार तक सभी एडीओ पंचायतों को उनके प्रशासन बनाए जाने संबंधी आदेश उपलब्ध करा दिए जाने की पूरी संभावना है।
विज्ञापन
ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर यानी शुक्रवार की रात 12 बजे खत्म हो गया। इसके बाद उनके प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार भी खत्म हो गए। पंचायतों के खातों से कोई धन की निकासी न कर ले इसलिए रात 12 बजकर एक मिनट से प्रधानों के डोंगल को निष्क्रिय किए जाने का काम शुरू हो गया। पीएफएमएस सिस्टम से इसी डोंगल की मदद से प्रधान भुगतान करते थे।
विज्ञापन
सबसे पहले 12.07 बजे गोला ब्लॉक के प्रधानों का डोंगल निष्क्रिय किया गया। इसके बाद बेलघाट के प्रधानों का डोंगल निष्क्रिय किया जाना शुरू हुआ कि सर्वर में थोड़ी खराबी आ गई। हालांकि थोड़ी ही देर में नेटवर्क सही हो गया। इसके बाद बेलघाट के बाकी बचे प्रधानों का, सरदारनगर, खोराबार, उरुवा, पाली, भटहट, खजनी, पिपरौली, बड़हलगंज, सहजनवां, चरगांवा, बांसगांव, गगहा, जंगल कौड़िया व कौड़ीराम के प्रधानों के डोंगल भी निरस्त कर दिए गए।
सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने बताया कि शुक्रवार की रात 12 बजे प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो गया। उनके डोंगल भी रात को ही निष्क्रिय कर दिए गए। अब एडीओ पंचायतों को प्रशासक बनाया गया है। उनके आदेश तैयार कर लिए गए हैं। डीएम के दस्तखत होने ही बाकी हैं। दो दिन के भीतर सभी एडीओ पंचायतों के पास उनके प्रशासक बनाए जाने संबंधी आदेश पहुंच जाएंगे जिसके बाद वे ही पंचायतों के विकास कार्य कराएंगे। उन्हें प्रशासनिक व वित्तीय दोनों अधिकार होंगे। किसी भी गांव में विकास कार्य प्रभावित नहीं होगा।
सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने बताया कि शुक्रवार की रात 12 बजे प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो गया। उनके डोंगल भी रात को ही निष्क्रिय कर दिए गए। अब एडीओ पंचायतों को प्रशासक बनाया गया है। उनके आदेश तैयार कर लिए गए हैं। डीएम के दस्तखत होने ही बाकी हैं। दो दिन के भीतर सभी एडीओ पंचायतों के पास उनके प्रशासक बनाए जाने संबंधी आदेश पहुंच जाएंगे जिसके बाद वे ही पंचायतों के विकास कार्य कराएंगे। उन्हें प्रशासनिक व वित्तीय दोनों अधिकार होंगे। किसी भी गांव में विकास कार्य प्रभावित नहीं होगा।