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बाढ़ का कहर: गोरखपुर में बढ़ने लगे बुखार के मरीज, 18 हजार से अधिक मिल चुके हैं पीड़ित
Wed, 08 Sep 2021 05:07 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 08 Sep 2021 05:07 PM IST
सार
बाढ़ प्रभावित इलाकों में 22 टीमें सक्रिय, 206 कर्मचारी रहे तैनात, मैरूंड गांव बेलडाड़ में खुद सीएमओ ने किया मरीजों का इलाज।
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गोरखपुर: मरीजों की जांच करते सीएमओ।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिले के प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ का पानी कम होने के साथ उल्टी, दस्त, पेचिस और बुखार के रोगियों में इजाफा होने लगा है। इन इलाकों में अब तक 18,672 मरीज मिल चुके हैं। इनमें 7833 रोगी बुखार से पीड़ित थे। बाढ़ प्रभावित आबादी के इलाज के लिए मंगलवार को विशेष अभियान शुरू किया गया है। सीएमओ खुद मैरुंड गांव बेलडाड़ में पहुंचकर मरीजों का इलाज किए।
मंगलवार को जिले के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की 22 टीमें सक्रिय रहीं। बाढ़ चौकियों पर 206 कर्मचारी तैनात रहे। इन टीमों में आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) की 19 सचल टीमें भी शामिल हैं। करीब 1567 मरीजों का इलाज किया गया। इनमें बुखार के 708 मरीज शामिल रहे। जबकि 97 मरीज ऐसे मिले हैं, जिन्हें उल्टी-दस्त और पेचिश की शिकायत थी। साथ ही 762 मरीज दूसरी बीमारियों के मिले हैं। अब तक कुल मरीजों की संख्या 18672 रही है। इनमें 7833 मरीज बुखार के शामिल हैं।
सीएमओ ने खुद किया इलाज
सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने खजनी के बेलडाड़ गांव में इलाज के लिए पहुंचे थे। इस गांव में स्वास्थ्य की टीम नाव से पहुंची थी। इस दौरान पीएचसी खजनी के प्रभारी डॉ प्रदीप त्रिपाठी भी मौजूद रहे। यह गांव एक पखवारे से मैरूंड हैं। गांव में ग्रामीण बुखार और उल्टी-दस्त से बेहाल मिले। सीएमओ ने 40 से अधिक ग्रामीणों का इलाज किया। ग्रामीणों ने बदन दर्द की शिकायत की। उन्हें दवाएं दी गईं।
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लगेगा टीकाकरण और हेल्थ कैंप
सीएमओ ने बताया कि बाढ़ के कारण ग्रामीण टीका लगवाने के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं पहुंचा है। इसके देखते हुए टीकाकरण की टीम को गांव में पहुंचने का निर्देश दिया गया है। आसपास के मैरूंड गांवों में भी टीकाकरण और स्वास्थ्य कैंप लगाया जाएगा।
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मंगलवार को जिले के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की 22 टीमें सक्रिय रहीं। बाढ़ चौकियों पर 206 कर्मचारी तैनात रहे। इन टीमों में आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) की 19 सचल टीमें भी शामिल हैं। करीब 1567 मरीजों का इलाज किया गया। इनमें बुखार के 708 मरीज शामिल रहे। जबकि 97 मरीज ऐसे मिले हैं, जिन्हें उल्टी-दस्त और पेचिश की शिकायत थी। साथ ही 762 मरीज दूसरी बीमारियों के मिले हैं। अब तक कुल मरीजों की संख्या 18672 रही है। इनमें 7833 मरीज बुखार के शामिल हैं।
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सीएमओ ने खुद किया इलाज
सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने खजनी के बेलडाड़ गांव में इलाज के लिए पहुंचे थे। इस गांव में स्वास्थ्य की टीम नाव से पहुंची थी। इस दौरान पीएचसी खजनी के प्रभारी डॉ प्रदीप त्रिपाठी भी मौजूद रहे। यह गांव एक पखवारे से मैरूंड हैं। गांव में ग्रामीण बुखार और उल्टी-दस्त से बेहाल मिले। सीएमओ ने 40 से अधिक ग्रामीणों का इलाज किया। ग्रामीणों ने बदन दर्द की शिकायत की। उन्हें दवाएं दी गईं।
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लगेगा टीकाकरण और हेल्थ कैंप
सीएमओ ने बताया कि बाढ़ के कारण ग्रामीण टीका लगवाने के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं पहुंचा है। इसके देखते हुए टीकाकरण की टीम को गांव में पहुंचने का निर्देश दिया गया है। आसपास के मैरूंड गांवों में भी टीकाकरण और स्वास्थ्य कैंप लगाया जाएगा।