एक ही चिता पर जली पिता-पुत्र की लाश, पड़ोसी ने दी मुखाग्नि, जानिए किस वजह से हुई थी दोनों की मौत
- शराब पीने के विवाद में जहर खाने से हुई थी दोनों की मौत
- बेटे ने पिता को शराब पीने से मना किया था नाराजगी में खाया था जहर पछतावा में बेटे ने भी खा लिया था जहर
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के रामगढ़ताल इलाके के भरवलिया टोला रानीबाग में शराब पीने के विवाद के बाद मंगलवार को जहरीला पदार्थ खाने से मौत होने के बाद पिता व पुत्र की लाश आज एक ही चिता पर जली। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव को मुक्तिधाम राजघाट ले जाया गया जहां दोनों के शव को एक ही चिता पर रखा गया और पड़ोसी फूलचंद निषाद ने उन्हें मुखाग्नि दी।
जानकारी के मुताबिक, भरवलिया टोला रानीबाग निवासी राम हरख निषाद मजदूरी कर जीवन यापन करता था। मंगलवार दोपहर को बेटे ने शराब पीने से मना किया तो उसने घर पर ही जहरीला पदार्थ खा लिया। यह देख उसके 14 वर्षीय इकलौते बेटे रवि को लगा कि उसके पिता की मौत हो गई है। जिससे उसे पछतावा होने लगा और उसने भी जहरीला पदार्थ खा लिया।
दोनों को इलाज के लिए पड़ोसी अस्पताल ले गए, जहां दोनों की ही मौत हो गई। शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव मिला। परिवार में किसी अन्य पुरूष के न होने के कारण पड़ोसी फूलचंद ने बाप-बेटे को मुखाग्नि दी।
इस संबंध में आजाद नगर चौकी प्रभारी आशीष सिंह ने बताया कि परिवार बेहद गरीब है। राम हरख की पत्नी सुनीता और उसकी बेटी रूबी दोनों लोगों के घरों में चौका बर्तन करती हैं। दोनों की मौत के संबंध में किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं है। दोनों को मुखाग्नि पड़ोसी द्वारा दी गई है।