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यूपी: जानिए पिता ने बेटे क्यों जेल भेजने की क्यों लगाई गुहार, इस लत से परेशान है सब्जी विक्रेता

Sat, 03 Jul 2021 11:36 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 03 Jul 2021 11:36 PM IST
सार

 जानकारी के मुताबिक, चौकी प्रभारी पुरुषोत्तम आनंद सिंह ने खुद करीब एक घंटे तक नशे की लत में डूबे युवक की पहले तो काउंसलिंग की, फिर चोरी न करने की हिदायत दी। 

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Father pleads to send son to jail in Gorakhpur
यूपी पुलिस - फोटो : गूगल

विस्तार

गोरखपुर के कैंट इलाके के भैरोपुर गांव का रहने वाला एक पिता अपने बेटे के नशे की लत से इस कदर परेशान हो गया है कि वह पुलिस में जाकर उसे जेल भेजने तक की गुहार लगा रहा है।
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 जानकारी के मुताबिक, चौकी प्रभारी पुरुषोत्तम आनंद सिंह ने खुद करीब एक घंटे तक नशे की लत में डूबे युवक की पहले तो काउंसलिंग की, फिर चोरी न करने की हिदायत दी। 
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इसके बाद पुलिस कार्रवाई में पाबंद करते हुए पिता को सपुर्दगी में उसके बेटे को देते हुए उसकी काउंसलिंग कराने और नशा मुक्ति केंद्र भेजने की सलाह दी। शनिवार को पुलिस चौकी पर यह मामला देख वहां मौजूद हर कोई एक समय के लिए दंग रह गया। 
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बेटे की नशे की लत से परेशान है सब्जी विक्रेता 
कैंट इलाके के भैरोपुर निवासी बृजेश जायसवाल सब्जी की दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। उनके दो बेटे और एक बेटी है। घर का सबसे बड़ा बेटा चंदन जायसवाल (18) 12वीं की पढ़ाई करता था। कुछ महीनों पहले तक तो सबकुछ ठीक था, लेकिन करीब तीन से चार महीने पूर्व उसे स्मेक व गांजे के नशे की लत लग गई। 

वह स्मैक के साथ गांजा और नशीली गोलियों का आदि हो गया। हालत यह हो गई कि नशे की लत को पूरी करने के लिए वह घर में ही चोरी करने लगा। उसे एक बार पुलिस ने बाइक चोरी में उठाया था। लेकिन बाद में निर्दोष होने पर छोड़ दिया।

नशा मुक्ति केंद्र से भी भाग आया चंदन
इतना ही नहीं, अब उसे नशे की अमल होती तो वह घर के किसी भी सामान को चुराकर बेच देता। परिवार द्वारा मना करने पर वह घर में मारपीट और सामानो को तोड़फोड़ करने लगा। उसकी इस हरकत से परिवार  के लोग काफी परेशान हो गए। चंदन के पिता को किसी ने उसे नशा मुक्ति केंद्र भेजने की सलाह दी। 

गरीब पिता ने कर्ज लेकर 40 हजार रुपए जमा कर उसे शहर के डीआईजी बंगले के पास स्थित नशा मुक्ति केंद्र भेजा, जहां से वह एक महीने के अंदर ही वापस भाग आया। पिता के पैसे भी डूब गए। घर आने के बाद फिर अपनी पुरानी आदतें शुरू कर दी। पिता का कहना है कि उसे नशे की लत से दूर करने के लिए अब तक कर्ज लेकर दो लाख रुपए खर्च कर चुके, फिर भी कोई सुधार नहीं हुआ।
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