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Gorakhpur News:पिता ने आदित्या की कमजोरी को ही बनाया मजबूती, पढ़ें संघर्ष से सफलता की कहानी
Thu, 25 Jan 2024 12:21 PM IST
रोहित शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: रोहित शर्मा
Updated Thu, 25 Jan 2024 12:21 PM IST
सार
अभी हाल ही में राष्ट्रपति के हाथों बाल पुरस्कार से सम्मानित हुईं 14 वर्षीय मूकबधिर बैडमिंटन खिलाड़ी आदित्या यादव को गणतंत्र दिवस की परेड के लिए भी आमंत्रित किया गया है। खुद भी बैडमिंटन खिलाड़ी पिता दिग्विजय सिंह ने बेटी आदित्या को शुरू से ही कड़ा अभ्यास कराया और हर संभव एकेडमी में उनको प्रशिक्षण दिलाया।
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आदित्या यादव।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
अभी हाल ही में राष्ट्रपति के हाथों बाल पुरस्कार से गोरखपुर की 14 वर्षीय मूकबधिर बैडमिंटन खिलाड़ी आदित्या यादव बाल पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी है। अब, आदित्या को गणतंत्र दिवस की परेड के लिए भी आमंत्रित किया गया है। खुद भी बैडमिंटन खिलाड़ी पिता दिग्विजय सिंह ने बेटी आदित्या को शुरू से ही कड़ा अभ्यास कराया और हर संभव एकेडमी में उनको प्रशिक्षण दिलाया।
आदित्या के पिता ने उसकी इस कमजोरी को ही मजबूती में बदल दिया। खुद भी बैडमिंटन खिलाड़ी पिता दिग्विजय सिंह ने बेटी आदित्या को शुरू से ही कड़ा अभ्यास कराया और हर संभव एकेडमी में उनको प्रशिक्षण दिलाया। आदित्या मूकबधिर ओलंपिक सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन कर चुकी हैं।
आदित्या मूकबधिर ओलंपिक सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन कर चुकी हैं। सेक्टर-104 स्थित सनराइज बैडमिंटन एकेडमी में खेल की बारीकियां सीख रहीं मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली आदित्या ने 2022 में ब्राजील में आयोजित मूकबधिर ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत था।
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कोच कुसुम सिंह ने बताया कि आदित्या के पिता भी राष्ट्रीय स्तर के बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। आदित्या उनकी तीसरी संतान है। आदित्या अंडर-17 आयु वर्ग में स्टेट चैंपियन में भी स्वर्ण विजेता रही थीं। इसके अलावा 2022 में ही थाईलैंड में आयोजित मूकबधिर एशिया पेसिफिक चैंपियनशिप में 5 स्वर्ण और नेशनल गेम्स में भी उन्होंने सीनियर व जूनियर वर्ग में कुल पांच पदक जीते। पिता दिग्विजय यादव रेलवे में कार्यरत हैं और मां अंकुर यादव गृहिणी हैं।
बाल पुरस्कार मिलने पर छलके आंसू :
आदित्या के पिता दिग्विजय सिंह ने बताया कि जब बेटी को राष्ट्रपति के हाथों बाल पुरस्कार मिला तो उस वक्त आंसू छलक आए। इस पल की गवाह उनकी मां भी बनी। हमें गर्व है कि पीएम व सीएम ने भी उसे बधाई दी है।
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आदित्या के पिता ने उसकी इस कमजोरी को ही मजबूती में बदल दिया। खुद भी बैडमिंटन खिलाड़ी पिता दिग्विजय सिंह ने बेटी आदित्या को शुरू से ही कड़ा अभ्यास कराया और हर संभव एकेडमी में उनको प्रशिक्षण दिलाया। आदित्या मूकबधिर ओलंपिक सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन कर चुकी हैं।
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आदित्या मूकबधिर ओलंपिक सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन कर चुकी हैं। सेक्टर-104 स्थित सनराइज बैडमिंटन एकेडमी में खेल की बारीकियां सीख रहीं मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली आदित्या ने 2022 में ब्राजील में आयोजित मूकबधिर ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत था।
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कोच कुसुम सिंह ने बताया कि आदित्या के पिता भी राष्ट्रीय स्तर के बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। आदित्या उनकी तीसरी संतान है। आदित्या अंडर-17 आयु वर्ग में स्टेट चैंपियन में भी स्वर्ण विजेता रही थीं। इसके अलावा 2022 में ही थाईलैंड में आयोजित मूकबधिर एशिया पेसिफिक चैंपियनशिप में 5 स्वर्ण और नेशनल गेम्स में भी उन्होंने सीनियर व जूनियर वर्ग में कुल पांच पदक जीते। पिता दिग्विजय यादव रेलवे में कार्यरत हैं और मां अंकुर यादव गृहिणी हैं।
बाल पुरस्कार मिलने पर छलके आंसू :
आदित्या के पिता दिग्विजय सिंह ने बताया कि जब बेटी को राष्ट्रपति के हाथों बाल पुरस्कार मिला तो उस वक्त आंसू छलक आए। इस पल की गवाह उनकी मां भी बनी। हमें गर्व है कि पीएम व सीएम ने भी उसे बधाई दी है।