गोरखपुर में बढ़ रहे मरीज: आंखों की करें विशेष देखभाल, तेजी से फैल रहा है कंजंक्टिवाइटिस
सरस्वती शिशु मंदिर बालिका इंटर कॉलेज के 60 छात्राओं को एक साथ कंजंक्टिवाइटिस की समस्या हो गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वहां पर सभी छात्राओं की जांच करते हुए उन्हें दवाइयां दी। अभी भी स्वास्थ्य विभाग की टीम उनका फालोअप कर रही है।
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गोरखपुर शहर में आंखों की बीमारी कंजंक्टिवाइटिस तेजी से फैल रही है। यह संक्रामक बीमारी है, जो एक मरीज से दूसरे में फैलती है। अचानक अस्पतालों के नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इसमें 50 से 60 फीसदी स्कूली छात्र हैं।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रजत कुमार ने बताया कि तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। कभी धूप के बाद बारिश तो कभी तेज धूप हो जा रही है। इससे हवा में मौजूद गंदगी आंखों में जा रही है, जिसकी वजह से आंखों में संक्रमण हो रहा है। इसे कंजंक्टिवाइटिस कहते हैं। इसमें आंखें लाल हो जाती हैं और उनसे पानी गिरने लगता है। अगर यह समस्या ज्यादा दिनों तक रहती है तो रोशनी कमजोर हो जाती है। चिंता की बात यह है कि यह बीमारी एक से दूसरे में तेजी फैलती है। यही कारण है कि स्कूलों में बीमार छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ी है। छात्र एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं और तेजी से उनकी आंखों पर असर पड़ता है।
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि ओपीडी में पिछले 10 दिनों के अंदर ऐसे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग विशेषज्ञ डॉ. राम कुमार जायसवाल ने बताया कि कंजंक्टिवाटिस के इलाज में कुछ एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का मामला सामने आया है। कुछ मरीजों में इसका असर देखने को मिल रहा है, जिसकी वजह एंटीबायोटिक दवाएं मरीजों को बदलकर देनी पड़ रही है।
60 छात्राओं को एक साथ हो गई थी कंजेक्टिवाइटिस की समस्या
सरस्वती शिशु मंदिर बालिका इंटर कॉलेज के 60 छात्राओं को एक साथ कंजंक्टिवाइटिस की समस्या हो गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वहां पर सभी छात्राओं की जांच करते हुए उन्हें दवाइयां दी। अभी भी स्वास्थ्य विभाग की टीम उनका फालोअप कर रही है।