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दूसरों को फंसाने के लिए झूठा केस दर्ज कराना पड़ेगा महंगा, पकड़े जाने पर हो सकती है जेल
Wed, 21 Oct 2020 11:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2020 11:11 AM IST
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एसएसपी जोगेंद्र कुमार। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के आरोपियों को पुलिस सख्त सजा दिलाएगी, लेकिन पुरानी रंजिश में किसी को फंसाने के लिए इस तरह का झूठा मामला दर्ज कराने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। एसएसपी ने इस तरह के मामले लगातार बढ़ने पर अब पुलिस को झूठा मामला दर्ज कराने वालों पर भी केस दर्ज कर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
दरअसल, पुरानी रंजिश या फिर पंचायती चुनाव की दुश्मनी में छेड़छाड़ और दुष्कर्म तक के झूठे मामले दर्ज कराए जा रहे हैं। हाल ही में बेतियाहाता में किराएदारी विवाद के एक मामले में चौकी इंचार्ज को सस्पेंड किया गया। जांच में पता चला है कि चौकी इंचार्ज ने एक पक्ष को दुष्कर्म का केस दर्ज कराने की सलाह दी थी। इस प्रकरण की जांच भी चल रही है।
जानकारी के मुताबिक, महिला अपराध के मामले में त्वरित कार्रवाई करने का आदेश एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने दिया है, लेकिन कई ऐसे भी मामले हैं, जिसमें बेवजह ही मारपीट या फिर दूसरी घटना होने पर लोगों को छेड़छाड़ या दुष्कर्म के मामलों में फंसा दिया जाता है। एसएसपी के आदेश का आड़ लेकर पुलिस आरोपित को जेल भेज दे रही है और फिर जांच में मामला सिर्फ मारपीट या पुरानी रंजिश का निकल रहा है।
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यही वजह है कि एसएसपी ने मातहतों से साफ कर दिया है कि वे महिला अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूर करें, लेकिन जहां पर भी उनको संदेह लगता है, वहां पर जांच कर लें और सही होने पर सख्त कार्रवाई करें। आरोपित के पास अगर बचाव में कोई साक्ष्य हैं तो उसकी भी पड़ताल होनी चाहिए।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने कहा कि महिला अपराध के मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। जो दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन अगर किसी को झूठे मामले में फंसाया गया है तो पुलिस उसकी भी जांच करेगी।
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दरअसल, पुरानी रंजिश या फिर पंचायती चुनाव की दुश्मनी में छेड़छाड़ और दुष्कर्म तक के झूठे मामले दर्ज कराए जा रहे हैं। हाल ही में बेतियाहाता में किराएदारी विवाद के एक मामले में चौकी इंचार्ज को सस्पेंड किया गया। जांच में पता चला है कि चौकी इंचार्ज ने एक पक्ष को दुष्कर्म का केस दर्ज कराने की सलाह दी थी। इस प्रकरण की जांच भी चल रही है।
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जानकारी के मुताबिक, महिला अपराध के मामले में त्वरित कार्रवाई करने का आदेश एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने दिया है, लेकिन कई ऐसे भी मामले हैं, जिसमें बेवजह ही मारपीट या फिर दूसरी घटना होने पर लोगों को छेड़छाड़ या दुष्कर्म के मामलों में फंसा दिया जाता है। एसएसपी के आदेश का आड़ लेकर पुलिस आरोपित को जेल भेज दे रही है और फिर जांच में मामला सिर्फ मारपीट या पुरानी रंजिश का निकल रहा है।
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यही वजह है कि एसएसपी ने मातहतों से साफ कर दिया है कि वे महिला अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूर करें, लेकिन जहां पर भी उनको संदेह लगता है, वहां पर जांच कर लें और सही होने पर सख्त कार्रवाई करें। आरोपित के पास अगर बचाव में कोई साक्ष्य हैं तो उसकी भी पड़ताल होनी चाहिए।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने कहा कि महिला अपराध के मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। जो दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन अगर किसी को झूठे मामले में फंसाया गया है तो पुलिस उसकी भी जांच करेगी।