एक लापरवाही से गोरखपुर में दस्तक दे सकता है कोरोना, सोनौली सीमा पर नहीं है ये खास स्कैनर
- तीन दिन बाद भी सोनौली सीमा पर नहीं लगा थर्मल स्कैनर
- कैंप में 4000 यात्रियों की हुई जांच, स्क्रिनिंग में हो रही परेशानी
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भारत नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर पर यात्रियों और पर्यटको के आवाजाही को देखते हुए भारत सरकार के निर्देश पर होली के दिन थर्मल स्कैनर सीमा पर पहुंचा था। लेकिन तकनीकी खराबी के कारण उसे डॉक्टरों की टीम ने वापस कर दिया। लेकिन तीन दिन बाद भी शनिवार तक सीमा पर थर्मल स्कैनर नहीं लग सका।
जिससे डॉक्टरों सहित एसएसबी जवानों को स्क्रिनिंग करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को हैंड गन से डॉक्टरों की टीम सतर्कता पूर्वक नेपाल से भारत आने वाले सभी भारतीय एवं नेपाली नागरिकों को स्क्रिनिंग करते देखा गया। डॉक्टर शिफ्ट अनुसार यात्रियों की जांच किए।
डॉ. अमित कुमार, राजीव शर्मा की देखरेख में करीब 4000 यात्रियों की स्क्रिनिंग हुई। डिप्टी सीएमओ डॉ. आई.ए. अंसारी ने बताया कि थर्मल स्कैनर को वापस कर दिया गया है। उसे जल्दी जांच कैंप में लगवा दिया जाएगा। इसके लिए उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है।
कोरोना को लेकर सरहदी व्यापारियों में दहशत
कोरोना वायरस को लेकर सीमावर्ती क्षेत्र के व्यापारियों में दहशत है। व्यापार मंडल के तहसील अध्यक्ष सुभाष जायसवल ने बताया कि नेपाल के चीन प्रेम के कारण यहां भय का माहौल है। ज्यादातर नेपाली नागरिक चीन की यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने मांग किया कि थर्मल स्कैनर लगा कर सभी यात्रियों की जांच की जाए।
पर्यटन व्यवसाय पर पड़ेगा व्यापक असर
कोरोना वायरस का सबसे अधिक असर भारत की सोनौली सीमा से नेपाल जाने और नेपाल से भारत आने वाले नागरिकों पर पड़ रहा है। नेपाल और भारत ने कई देशों के नागरिकों को अपने अपने देशों में आने पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिससे नेपाल का पर्यटन व्यापार पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा है। नेपाल साल 2020 को पर्यटकों के लिए बड़ा उपहार लेकर आया था। लेकिन कोरोना की वजह से प्रभावित हो रहा है।
489 पर्यटक नेपाली सीमा से किए गए वापस
भारत सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी को लेकर लगाए गए सभी बीजा धारकों पर प्रतिबंध को लेकर शुक्रवार के पूर्व भारत से नेपाल गए विदेशी पर्यटक और पूर्व में नेपाल की यात्रा कर वापस भारत आने के दौरान श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, फ्रांस, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड व रूस के 489 नागरिकों का वीजा नेपाल आब्रजन में डिपार्चर देने से मना कर दिया। इसी तरह 7 अमेरिकी नागरिकों को भारतीय आब्रजन ने नेपाल नहीं जाने दिया। आब्रजन अधिकारी गिरिराज ने बताया कि सभी पर्यटकों को नेपाल वापस भेज दिया गया है।
कोरोना का कहर लुम्बिनी में पसरा सन्नाटा
भारत नेपाल सीमा से सटे भगवान बुद्ध की जन्मभूमि लुम्बिनी में कोरोना वायरस को लेकर भारत और नेपाल सरकार की तरफ से लगाए बीजाधारी पर्यटकों पर प्रतिबंध के बाद लुम्बिनी में सन्नाटा पसरा हुआ है। जहां शुक्रवार से पूर्व पूरा लुम्बिनी थाईलैंड, श्रीलंका, मयम्मार के यात्रियों से गुलजार रहता था। लुम्बिनी विकास कोष अध्यक्ष विक्रम लामा ने बताया कि कोरोना वायरस को लेकर लुम्बिनी में कोई पर्यटक शनिवार को नहीं पहुंचे। जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता था।
भैरहवा के शापिंग माल और थियेटर भी प्रभावित
भारत नेपाल सीमा से सटे रूपनदेही जिले के भैरहवा के शापिंग माल और थियेटर भी कोरोना वायरस के कहर से अछूते नहीं हैं। नगर के तीन बड़े शॉपिंग मॉल में जहां एक सप्ताह पूर्व पैर रखने की जगह नहीं थी। वहीं आज पूरा मॉल खाली है। साथ ही थियेटर मालिकों ने टिकटों की बिक्री नहीं होने से कुछ दिनों के लिए बुकिंग रद्द करने का फैसला लिया है। उद्योग वाणिज्य सन्ध के पूर्व अध्यक्ष विष्णु प्रसाद ने बताया कोरोना की वजह से पर्यटन सहित सभी व्यवसाय प्रभावित हुआ।