फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Even after stipulated time laboratory did not give drug record

Gorakhpur: तय समय बीतने के बाद भी लेबोरेट ने नहीं दिया नशीली दवाओं का रिकॉर्ड

Thu, 25 Aug 2022 04:44 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 25 Aug 2022 04:44 PM IST
सार

लेबोरेट फार्मास्युटिकल मनीष केडिया ने कहा कि कंपनी से कागजात मांगे गए हैं। शुक्रवार तक सभी कागजात मिल जाएंगे, फिर ड्रग विभाग की टीम को उपलब्ध करा दिए जाएंगे। जिस दिन कागजात मांगे गए थे, उसी दिन कंपनी को ईमेल से सूचना भेज दी गई थी।

विज्ञापन
Even after stipulated time laboratory did not give drug record
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : social media

विस्तार

ड्रग विभाग को लेबोरेट फॉर्मास्युटिकल ने समय सीमा बीत जाने के बाद भी नशीली दवाओं की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया है। मंगलवार को लेबोरेट को कागजात उपलब्ध कराने थे। लेकिन, अब तक एक भी कागज विभाग को नहीं मिला है। इस पर ड्रग विभाग ने दूसरी बार रिमाइंड भेजने का फैसला लिया। इसके लिए दो से तीन दिन का समय दिया जाएगा। इसके बाद अगर कागजात नहीं दिखाते हैं, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन


दो करोड़ रुपये की नशीली दवाओं की बरामदगी के बाद ड्रग विभाग की टीम भालोटिया मार्केट में लगातार छापा मार रही है। इस मामले में छह लोगों की गिरफ्तार हो चुकी है। जबकि, दवा व्यापारी सगे भाई आशीष गुप्ता और अमित गुप्ता फरार चल रहे हैं। इसके बाद से टीम लगातार आठ दुकानों से नारकोटिक्स की 16 दवाओं के नमूने ले चुकी है।
विज्ञापन


शनिवार को कफ सिरप एस कॉफ के सीएंडएफ लेबोरेट फार्मास्युटिकल के यहां छापा मारा गया था। इसके मालिक मनीष केडिया हैं। यहां से छह तरह की नशीली दवाओं की खरीद-बिक्री की जाती है। मौके पर फर्म खरीद-बिक्री संबंधी कोई कागजात नहीं दिखा सकी। इसके लिए विभाग ने तीन दिन का समय भी दिया था, जो पूरा हो चुका है। वहीं, मैनकाइंड के सीएंडएफ ने 10 मिनट के अंदर ही तीन साल के रिकॉर्ड उपलब्ध करा दिए थे। यह कंपनी भी नारकोक्टिस की दवाएं बनाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की जानकारी न्यायालय को दी

ड्रग विभाग की टीम ने लेबोरेट फॉर्मास्युटिकल के यहां छापा मारने के दौरान प्रसव पीड़ा में इस्तेमाल की जाने वाली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन को बरामद किया था। यह इंजेक्शन दो से आठ डिग्री सेल्सियस में रखा जाना चाहिए था, लेकिन टीम को फर्श पर मिला था। इस पर टीम ने 5.91 लाख रुपये के इंजेक्शन जब्त कर लिए थे। इसकी सूचना टीम ने बुधवार को न्यायालय में दी है।

रिकॉर्ड देने में देरी खड़े कर रहे कई सवाल
जिस तरह मैनकाइंड ने 10 मिनट के अंदर तीन साल की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड उपलब्ध करा दिया। उसी तरह किसी अन्य दवा व्यापारी ने अब तक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया है। जबकि, सभी व्यापारियों के यहां कंप्यूटर लगे हुए हैं। व्यापारी चाहें तो एक क्लिक पर रिकॉर्ड उपलब्ध करा सकते हैं, लेकिन लेबोरेट फॉर्मास्युटिकल की तरफ से चार दिन बीत जाने के बाद भी रिकॉर्ड उपलब्ध न कराना कई सवाल खड़े कर रहा है।

सूचना न देने पर की जाएगी कानूनी कार्रवाई
ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने बताया कि लेबोरेट फॉर्मास्युटिकल ने समय बीत जाने के बाद भी खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड नहीं दिया है। इसके लिए उन्हें फिर से रिमाइंडर भेजा जाएगा। इसके बाद भी अगर कोई कागजात नहीं मिलते हैं तो ड्रग एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लेबोरेट फार्मास्युटिकल मनीष केडिया ने कहा कि कंपनी से कागजात मांगे गए हैं। शुक्रवार तक सभी कागजात मिल जाएंगे, फिर ड्रग विभाग की टीम को उपलब्ध करा दिए जाएंगे। जिस दिन कागजात मांगे गए थे, उसी दिन कंपनी को ईमेल से सूचना भेज दी गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed