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Gorakhpur News: प्रेक्षागृह का बिजली कनेक्शन कटा, 44 लाख था बकाया, जीडीए करता है संचालित
Fri, 30 Dec 2022 11:33 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 30 Dec 2022 11:33 AM IST
सार
अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि बकाए पर जीडीए प्रबंधन से लगातार पत्राचार किया गया, लेकिन पिछले एक वर्ष से बिल जमा नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि अगला नंबर गोरखपुर विश्वविद्यालय का है। इन पर लगभग 2.25 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है।
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बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से संचालित गंभीरनाथ प्रेक्षागृह की बिजली 44 लाख रुपये की बकाएदारी में बृहस्पतिवार को काट दी गई। दो करोड़ रुपये की बकाएदारी में जल्द ही गोरखपुर विश्वविद्यालय की भी बिजली काट दी जाएगी।
बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि बकाया बिल जमा करने के लिए जीडीए से कई बार संपर्क किया गया, लेकिन बिल जमा नहीं किया गया। मजबूरन बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई करनी पड़ी।
बिजली निगम इन दिनों बकाएदारी पर कार्रवाई कर रहा है। इसके दायरे में सरकारी विभाग भी आ गए हैं। कुछ दिनों पहले बिजली निगम ने 26,000 बकाएदारों पर 301 करोड़ रुपये की बकाएदारी पर आरसी जारी की है। इसमें सरकारी विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। इसी बीच, सरकारी विभागों के बड़े बकाएदारों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि बकाए पर जीडीए प्रबंधन से लगातार पत्राचार किया गया, लेकिन पिछले एक वर्ष से बिल जमा नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि अगला नंबर गोरखपुर विश्वविद्यालय का है। इन पर लगभग 2.25 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है।
कई बार पत्राचार करके बिल जमा करने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा है। सरकारी विभागों पर बकाए की सूची निकाल कर भुगतान जमा करवाया जाएगा। नहीं जमा करने वाले विभागों की बिजली काट दी जाएगी।
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बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि बकाया बिल जमा करने के लिए जीडीए से कई बार संपर्क किया गया, लेकिन बिल जमा नहीं किया गया। मजबूरन बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई करनी पड़ी।
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बिजली निगम इन दिनों बकाएदारी पर कार्रवाई कर रहा है। इसके दायरे में सरकारी विभाग भी आ गए हैं। कुछ दिनों पहले बिजली निगम ने 26,000 बकाएदारों पर 301 करोड़ रुपये की बकाएदारी पर आरसी जारी की है। इसमें सरकारी विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। इसी बीच, सरकारी विभागों के बड़े बकाएदारों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि बकाए पर जीडीए प्रबंधन से लगातार पत्राचार किया गया, लेकिन पिछले एक वर्ष से बिल जमा नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि अगला नंबर गोरखपुर विश्वविद्यालय का है। इन पर लगभग 2.25 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है।
कई बार पत्राचार करके बिल जमा करने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा है। सरकारी विभागों पर बकाए की सूची निकाल कर भुगतान जमा करवाया जाएगा। नहीं जमा करने वाले विभागों की बिजली काट दी जाएगी।