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Gorakhpur News: एसजीपीजीआई के डॉक्टर करेंगे BRD के गंभीर मरीजों का इलाज, विशेषज्ञों का मिलेगा लाभ
Fri, 07 Apr 2023 02:42 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 07 Apr 2023 02:42 PM IST
सार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि एसजीपीजीआई के डॉक्टर बीआरडी के गंभीर मरीजों का इलाज करेंगे। बीआरडी के डॉक्टर टेलीमेडिसिन के जरिये एसजीपीजीआई के डॉक्टरों से जुड़ेंगे। इस सुविधा की शुरुआत होने के बाद गंभीर मरीजों के इलाज में आसानी होगी।
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- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के गंभीर मरीजों का इलाज संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एसजीपीजीआई) के डॉक्टर करेंगे। टेली आईसीयू प्रोजेक्ट के तहत सुपर स्पेशलिस्ट विशेषज्ञों का विशेष लाभ मरीजों को मिलेगा। इसे लेकर कॉलेज प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 200 बेड के सुपर स्पेशियलिटी में अलग-अलग विभागों के 13 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं देनी शुरू कर दी है। इन विशेषज्ञों में न्यूरो सर्जन, यूरोलॉजी, आंको सर्जन, कार्डियोलॉजी, न्यूरो एमडी जैसे विभाग शुरू हो गए हैं।
इन विभागों में कई गंभीर ऑपरेशन भी शुरू कर दिए गए हैं। इसके बाद भी हर दिन करीब तीन से चार गंभीर मरीज हायर सेंटर रेफर किए जाते हैं। इसे देखते हुए शासन ने एसजीपीजीआई के डॉक्टरों को बीआडी से जोड़ने की पहल की है। जरूरत के मुताबिक मरीजों को वीडियो कॉल या फिर ऑडियो कॉल के जरिये तत्काल एसजीपीजीआई के डॉक्टरों से जोड़ा जाएगा।
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शासन का मानना है कि इस सुविधा के बाद से गंभीर मरीजों को रेफर करने की जरूरत कम होगी। साथ ही एसजीपीजीआई का लोड भी कम होगा। क्योंकि, प्रदेश भर से एसजीपीजीआई में मरीज रेफर किए जाते हैं। इसकी वजह से मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि एसजीपीजीआई के डॉक्टर बीआरडी के गंभीर मरीजों का इलाज करेंगे। बीआरडी के डॉक्टर टेलीमेडिसिन के जरिये एसजीपीजीआई के डॉक्टरों से जुड़ेंगे। इस सुविधा की शुरुआत होने के बाद गंभीर मरीजों के इलाज में आसानी होगी। इससे उन्हें रेफर करने की नौबत कम आएगी।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 200 बेड के सुपर स्पेशियलिटी में अलग-अलग विभागों के 13 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं देनी शुरू कर दी है। इन विशेषज्ञों में न्यूरो सर्जन, यूरोलॉजी, आंको सर्जन, कार्डियोलॉजी, न्यूरो एमडी जैसे विभाग शुरू हो गए हैं।
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इन विभागों में कई गंभीर ऑपरेशन भी शुरू कर दिए गए हैं। इसके बाद भी हर दिन करीब तीन से चार गंभीर मरीज हायर सेंटर रेफर किए जाते हैं। इसे देखते हुए शासन ने एसजीपीजीआई के डॉक्टरों को बीआडी से जोड़ने की पहल की है। जरूरत के मुताबिक मरीजों को वीडियो कॉल या फिर ऑडियो कॉल के जरिये तत्काल एसजीपीजीआई के डॉक्टरों से जोड़ा जाएगा।
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शासन का मानना है कि इस सुविधा के बाद से गंभीर मरीजों को रेफर करने की जरूरत कम होगी। साथ ही एसजीपीजीआई का लोड भी कम होगा। क्योंकि, प्रदेश भर से एसजीपीजीआई में मरीज रेफर किए जाते हैं। इसकी वजह से मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि एसजीपीजीआई के डॉक्टर बीआरडी के गंभीर मरीजों का इलाज करेंगे। बीआरडी के डॉक्टर टेलीमेडिसिन के जरिये एसजीपीजीआई के डॉक्टरों से जुड़ेंगे। इस सुविधा की शुरुआत होने के बाद गंभीर मरीजों के इलाज में आसानी होगी। इससे उन्हें रेफर करने की नौबत कम आएगी।