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Gorakhpur News: डॉक्टर बोले-क्लीनिक के बाहर भी घूमते हैं मरीज माफिया..कार्रवाई करें

Tue, 27 Feb 2024 02:20 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 27 Feb 2024 02:20 AM IST
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Doctor said - Patient mafia also roams outside the clinic.. take action

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बेतियाहाता में क्लीनिक चलाने वाले एक बड़े डॉक्टर ने दी अर्जी, कई और ने एसएसपी से संपर्क साधा



अमर उजाला ब्यूरो



गोरखपुर। मरीज माफिया के खिलाफ सख्ती का असर दिखने लगा है। अब डॉक्टर भी उनके खिलाफ सामने आने लगे हैं। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के पास सोमवार को शहर के एक बड़े मानसिक रोग विशेषज्ञ पहुंचे। उनके प्रार्थनापत्र में न तो कोई आरोप था, न ही कोई व्यक्तिगत चाहत। एसएसपी के पास पहुंचते ही बोल पड़े- देखिए! आप की कार्रवाई की तारीफ है, इससे असल में डॉक्टरी पेशा करने वालों की इज्जत भी बढ़ी है, लेकिन मेरी क्लीनिक के बाहर भी माफिया और दलाल घूमते हैं, उन पर भी कार्रवाई करें।



एसएसपी को प्रार्थनापत्र देने के बाद डॉक्टर चले गए, लेकिन उन्होंने कई और प्रतिष्ठित डॉक्टरों के बारे में बताया है, जो दलालों से परेशान हैं। दो और डॉक्टरों ने भी एसएसपी से संपर्क साधा है।
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जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने मरीज-एंबुलेंस माफिया पर कार्रवाई शुरू की तो अब तक की जांच में सिर्फ झोलाछाप ही सामने आए हैं। उनकी इस कृत्य की वजह से जाहिर है कि अच्छे डॉक्टरों की छवि भी खराब होती है। यही वजह है कि इस कार्रवाई की तारीफ अब शहर के डॉक्टर करने लगे हैं और एसएसपी से संपर्क कर कार्रवाई का अनुरोध भी कर रहे हैं।
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उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के साथ तालमेल करके पुलिस इसे जड़ से खत्म करने की कार्रवाई करें तो मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।







नेपाल में छिपे सरगना मनोज को भगोड़ा घोषित कराएगी पुलिस



कोर्ट में एनबीडब्ल्यू की दी अर्जी, एसओजी व स्वॉट को भी गिरफ्तारी के लिए लगाया गया



अमर उजाला ब्यूरो



गोरखपुर। मरीज-एंबुलेंस माफिया गिरोह के सरगना मनोज निगम की तलाश में जुटी पुलिस को उसके नेपाल में छिपे होने की जानकारी मिली है। एसएसपी ने गिरफ्तारी के लिए एसओजी, स्वॉट टीम को भी मदद का निर्देश दिया है। अब पुलिस ने उसे कोर्ट से भगोड़ा घोषित कराने की कवायद शुरू कर दी है। रामगढ़ताल पुलिस की ओर से कोर्ट में एनबीडब्ल्यू के लिए अर्जी दी गई है। इसके बाद वह भी हाजिर नहीं हुआ तो फिर कोर्ट से कुर्की की प्रक्रिया कर उसकी संपत्ति को नीलाम किया जाएगा।



मेडिकल कॉलेज से मरीजों को बरगलाकर अवैध तरीके से संलाचित नर्सिंग होम में बेचे जाने वाले दो गिरोह का पुलिस पर्दाफाश कर चुकी है। पुलिस ने एक गिरोह में शामिल ईशु अस्पताल के संचालक नितिन यादव, डॉ. रणंजय प्रताप सिंह समेत आठ लोगों को जेल भिजवाया था। जांच में एक और गिरोह का मामला सामने आया। इसमें पुलिस ने यूनिवर्सल अस्पताल के संचालक उमेश समेत सात लोगों को जेल भिजवाया।





दोनों ही गिरोह में मनोज निगम का नाम सामने आया है। पुलिस की जांच में साफ हो चुका है, वहीं सरगना है, जो मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों और फर्जी तरीके से नर्सिंग होम चलाने वालों के बीच की कड़ी है, लेकिन केस में नाम आते ही यह फरार हो गया है।





अब एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने पुलिस को कोर्ट से एनबीडब्ल्यू जारी कराने का आदेश दिया है। इसके लिए कोर्ट में पुलिस की ओर से अर्जी दे दी गई है।





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नेपाल में छिपा है मनोज निगम



पुलिस को पता चला है कि दोनों ही केस में आरोपी बनाने के साथ पुलिस ने उसकी तलाश तेज की तो वह नेपाल में जाकर छिप गया। इसकी जानकारी अब पुलिस के पास पहुंच चुकी है। एसएसपी की ओर से सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन कर दिया गया है, ताकि जल्द से जल्द इनकी गिरफ्तारी हो सके, लेकिन आरोपी के पकड़े न जाने की वजह से अब कोर्ट से एलबीडब्ल्यू की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।






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ये आरोपी चल रहे फरार



चिलुआताल इलाके के बंजरहा निवासी मनोज निगम, मीरगंज संतकबीरनगर का महेश कुमार, अमन, झुंगिया निवासी शिव, बंजहा निवासी संतोष, मिर्जापुर निवासी अभिषेक गुप्ता, युसूफ और असलम फरार चल रहे हैं।





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