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गोरखपुर: बाढ़ में जनहानि से लेकर खेत में सिल्ट जमा होने तक पर मुआवजे का इंतजाम, जल्द शुरू होगा सर्वे

Thu, 09 Sep 2021 07:19 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 09 Sep 2021 07:19 PM IST
सार

मुख्यमंत्री ने पीड़ितों में राहत सामग्री वितरण के दौरान हर जगह लोगों को उन तमाम सरकारी प्रावधानों की जानकारी भी दी जिससे वे अपने नुकसान की भरपाई कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया था कि जन व पशु हानि के साथ ही फसल व मकान आदि के नुकसान का मुआवजा देने को भी सरकार तत्पर है।

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district administration will arrangements for compensation after flood loss in Gorakhpur
गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर में बाढ़ की चपेट में आए लोगों को हर तरह के नुकसान के लिए मुआवजे का सरकार ने प्रावधान किया है। जनहानि से लेकर खेत में सिल्ट जमा होने तक पर मुआवजा दिए जाने का नियम है। पिछले दौरे में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को निर्देश भी दिया था कि बाढ़ का पानी निकलते ही सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार की जाए कि किसे किस तरह का नुकसान हुआ है। साथ ही उन्हें समय से मुआवजा देने की भी कार्रवाई की जाए।

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मुख्यमंत्री ने पीड़ितों में राहत सामग्री वितरण के दौरान हर जगह लोगों को उन तमाम सरकारी प्रावधानों की जानकारी भी दी जिससे वे अपने नुकसान की भरपाई कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया था कि जन व पशु हानि के साथ ही फसल व मकान आदि के नुकसान का मुआवजा देने को भी सरकार तत्पर है।
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जन हानि के साथ दिव्यांगता व गंभीर चोट पर भी आर्थिक मदद
बाढ़ की वजह से यदि किसी की मृत्यु हो जाती है तो राज्य सरकार की तरफ से उसके परिवार को चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है।  इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पंचनामा या एसडीएम की रिपोर्ट की जरूरत होगी। इस आपदा में यदि किसी का अंग भंग हो जाता है या वह व्यक्ति दिव्यांग हो जाता है तो उसे भी सरकार की तरफ से मदद मिलेगी। सरकारी डॉक्टर की रिपोर्ट के आधार पर 40 से 60 प्रतिशत दिव्यांगता पर 59100 रुपये तथा 60 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता पर दो लाख रुपये आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। गंभीर चोट के कारण यदि एक सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़े तो 4300 रुपया प्रति व्यक्ति तथा एक सप्ताह से अधिक भर्ती रहने की दशा में 12700 रुपये सरकार देगी।
 

मकान और पशुशाला क्षतिग्रस्त होने पर यह मदद मिलेगी

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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।

बाढ़ के चलते अत्यधिक क्षतिग्रस्त पक्के मकान के लिए 95100 रुपये तथा आंशिक क्षतिग्रस्त पक्के मकान के लिए 5200 रुपये की सहायता राशि पीड़ित व्यक्ति को दी जाएगी। इसी तरह आंशिक क्षतिग्रस्त कच्चे मकान के लिए 3200 रुपये, क्षतिग्रस्त या नष्ट झोपड़ी के लिए 4100 रुपये मिलेंगे। मकान से संबद्ध पशुशाला के क्षतिग्रस्त होने पर 2100 रुपये की मदद का प्रावधान है। किसी व्यक्ति का मकान नदी की धारा में विलीन हो गया हो तो जमीन का पट्टा देकर उसके लिए मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी सुनिश्चित कराए जाने का प्रावधान है।

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फसल नुकसान का मुआवजा

सरकारी इंतजामों के मुताबिक कृषि फसलों, औद्यानिक फसलों व वार्षिक फसलों के 33 प्रतिशत या इससे अधिक नुकसान पर क्षतिपूर्ति मिलेगी। इसमें असिंचित क्षेत्र के लिए 6800 रुपये प्रति हेक्टेयर तथा सिंचित क्षेत्र के लिए 13500 रुपये प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा। बहुवर्षीय फसल के लिए यह मदद 18000 रुपये प्रति हेक्टेअर की दर से होगी। खेत में बाढ़ के पानी से सिल्ट जमा हो गया तो उसकी डिसिल्टिंग के लिए 12200 रुपये प्रति हेक्टेअर की दर से आर्थिक सहायता दी जाएगी। यदि नदी के प्रवाह बदलने से भूमि का अधिकांश भूभाग नष्ट हो जाए तो 37500 रुपये प्रति हेक्टेअर की दर से मुआवजा दिया जाएगा।
 

पशु, कुक्कुट व मत्स्यपालन की क्षति पर भी मदद

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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।

बाढ़ में बड़े दुधारू पशु (भैंस, गाय आदि) की मृत्यु होने पर पशुपालक को 30000 रुपये प्रति पशु की दर से आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था है। इसी प्रकार छोटे दुधारू पशु (बकरी, भेड़, सुअर) की मृत्यु पर 3000 रुपये प्रति पशु, गैर दुधारू बड़े पशु (ऊंट, घोड़ा, बैल) के लिए 25000 प्रति पशु तथा दुधारू छोटे पशु (गाय-भैंस के बच्चे) के लिए 16000 रुपया प्रति पशु के हिसाब से मदद मिलेगी।

कुक्कुट के नुकसान पर कुक्कुट पालकों को 50 रुपये प्रति कुक्कुट की दर से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मत्स्य पालकों को आंशिक क्षतिग्रस्त नौकाओं के लिए 4100 तथा पूर्ण क्षतिग्रस्त नौकाओं के लिए 9600 रुपया प्रति नौका की दर से मदद दी जाएगी। आंशिक क्षतिग्रस्त जाल के लिए 2100 और पूरी तरह क्षतिग्रस्त जाल के लिए 2600 रुपये मुहैया कराए जाएंगे। मत्स्य बीज फार्म को नुकसान होने की दशा में 8200 रुपये प्रति हेक्टेअर की दर से सहायता देने का प्रावधान किया गया है।

कपड़ा, बर्तन व रोजी के नुकसान की होगी भरपाई
बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त या दो दिन से अधिक जलमग्न मकानों में हुए कपड़ों व बर्तन के नुकसान की भरपाई अब सरकार करेगी। प्रति परिवार 1800 रुपये कपड़ों के नुकसान पर तथा 2000 रुपये बर्तन या घरेलू सामग्री नष्ट होने की दशा में दिया जाना है। इस आपदा में जिन परिवारों की आजीविका गंभीर रूप से प्रभावित हुई है और वे राहत कैम्पों में नहीं रह रहे हैं, उन्हें 60 रुपये प्रति वयस्क और 45 रुपये प्रति अवयस्क के हिसाब से सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। बाढ़ के कारण यदि किसी शिल्पकार-दस्तकार का औजार क्षतिग्रस्त हुआ है तो उसे भी सरकार पुन: औजार खरीदने के लिए आर्थिक सहायता देगी। औजार का नुकसान होने पर प्रति शिल्पकार 4100 रुपये की धनराशि मिलेगी। यदि किसी दस्तकार का कच्चा माल या निर्मित/अर्धनिर्मित उत्पाद खराब हुआ तो इसके लिए भी सरकार 4100 रुपये प्रति दस्तकार की दर से धनराशि मुहैया कराई जाएगी।


 

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