ट्रेन में टीटीई से विवाद मामला: पहले भी दागदार हुई है रेलवे की काली कोट, चलती ट्रेन से यात्री को दिया गया था धक्का
लखनऊ में विवाद के बाद ट्रेन से गिरकर यात्री की मौत की घटना सोमवार को रही चर्चा में, तीन चार दिन में बयान दर्ज करेगी जीआरपी
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बीते दिनों लखनऊ में टीटीई से विवाद और उसके बाद यात्री की ट्रेन से गिरकर मौत होने की घटना से रेलवे कामर्शियल विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। यात्रियों से मधुर संबंध बनाने की रेलवे कवायद पर यह बड़ा सवाल भी है। सोमवार को पूरे दिन इसी घटना पर चर्चाएं होती रहीं।
कुछ टीटीई अपने साथी पर गलत आरोप बता रहे हैं तो कुछ टिकट चेकिंग के दौरान जबरन वसूली पर सवाल उठाने लगे हैं। हालांकि टीटीई द्वारा विवाद की यह पहली घटना नहीं है। कुछ टीटीई के गलत आचरण से रेलवे की काली कोट पहले भी कई बार दागदार हो चुकी है।
तीन वर्ष पूर्व बस्ती में ट्रेन से गिरा था युवक
वर्ष 2018 में बस्ती स्टेशन पर एक युवक चलती ट्रेन से गिर गया था। स्टेशन पर गोरखपुर का टीटीई जैसे बोगी में चढ़ा और ट्रेन बढ़ी यात्री नीचे गिर गया। आरोप लगा कि टीटीई ने धक्का दे दिया। इस घटना में यात्रियों ने टीटीई की जमकर पिटाई की थी। हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही के बाद टीटीई कार्रवाई से बच गया।
विजिलेंस टीम से टीटीई ने की थी मारपीट
दिसंबर 2015 में गोरखपुर के एक टीटीई और विजिलेंस टीम के बीच ट्रेन में ही मारपीट हो गई थी। जिसमें रेल प्रशासन ने टीटीई को सस्पेंड कर दिया था और बाद में टीटीई को चार्जशीट दी गई।
टीटीई के बर्थ पर तकिए में मिले थे 6600 रुपये
सात दिसंबर 2015 को हिसार से गोरखपुर आ रही गोरखधाम एक्सप्रेस में टीटीई के बर्थ पर रखे तकिए से विजिलेंस टीम को 6600 रुपये मिले थे। यात्रियों द्वारा अवैध तरीके से बर्थ आवंटित करने की शिकायत पर विजिलेंस की टीम ने बस्ती स्टेशन पर जांच की थी। विजिलेंस को देखकर टीटीई कोच से उतरकर बाहर जाने लगा। इस कार्रवाई में रेल प्रशासन ने टीटीई को सस्पेंड कर दिया था।
टीटीई पर लगा था रेप की कोशिश का आरोप
26 दिसंबर 2012 को दिल्ली से गोरखपुर जा रही पुरबिया एक्सप्रेस में टीटीई पर एक महिला यात्री के साथ कथित तौर पर बलात्कार की कोशिश करने का आरोप लगा था। लड़की के पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ट्रेन के एक एसी डिब्बे में उनकी लड़की और उसकी दो सहपाठी सफर रहे थे।
टीटीई ने लड़की के साथ दुर्व्यवहार किया और बलात्कार की कोशिश की। लड़की जब मदद के लिए चीखी तो लखनऊ डिवीजन का यह टीटीई वहां से भाग निकला। बाद में मुरादाबाद जीआरपी ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की गई थी।