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संकल्प, समर्पण और अनुशासन ही सफलता का मूल मंत्र: दृष्टि
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संकल्प, समर्पण और अनुशासन ही सफलता का मूल मंत्र: दृष्टि
यूपीएससी 2022 की परीक्षा में चयनित दृष्टि जायसवाल का महाराणा प्रताप महाविद्यालय जंगल धूसड़ में हुआ सम्मान
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। यूपीएसएससी-2022 की परीक्षा में चयनित गोरखपुर की छात्रा दृष्टि जायसवाल काे सोमवार को महाराणा प्रताप महाविद्यालय, जंगल धूसड़ में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इस मौके पर सिविल सेवा की तैयारियों को लेकर अपने अनुभव साझा करते हुए दृष्टि ने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए हमेशा सपने देखते रहना होगा। परिश्रम के साथ दृढ़ संकल्प निश्चय और अनुशासन से यूपीएससी की परीक्षा को पास किया जा सकता है। इस परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को अपनी शक्ति पहचाननी होगी तथा संलग्न होकर कठिन परिश्रम करना होगा।
उन्होंने बताया कि गुणवत्तापूर्ण तैयारी के लिए प्रथम चरण यूपीएससी के पाठ्यक्रम का अच्छे से अवलोकन करें। इसके बाद एनसीईआरटी की किताबें निश्चित तौर पर पढ़ें, लेखन कौशल बेहतर करें, आत्मविश्वास अर्जित करें, अंतःप्रेरणा भी अत्यधिक जरूरी है। पाठ्येतर क्रियाओं में भाग लें। समाचार पत्रों के अध्ययन विशेषकर संपादकीय को अपनी दिनचर्या में लाएं। इस अवसर पर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खड़गवासला, पूणे के भौतिकी विभाग के पूर्व आचार्य डॉ राजेन्द्र भारती ने कहा की दृष्टि ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल कर महाविद्यालय और पूरे जिले का मान बढ़ाया है। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए यह बताया कि यूपीएससी परीक्षा में विद्यार्थियों के बौद्धिक ज्ञान के साथ-साथ स्पष्टता, नेतृत्व क्षमता, विश्लेषणात्मक क्षमता, प्रस्तुतीकरण करने की कला, संचार, वैज्ञानिक और तार्किक ज्ञान, शारीरिक भाव-भंगिमा का भी परीक्षण होता है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वह प्रतियोगी पुस्तकों सहित समाचार पत्र तथा संपादकीय जरूर पढ़ें। साथ ही भाषाई बोध तथा अन्य पाठ्य सहगामी क्रियाकलापों में भाग लें। इस दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी वीएन सिंह , महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल बाजपेयी ने दृष्टि को शुभकामनाएं दी। प्रश्नोत्तरी काल में छात्र-छात्राओं ने सवाल भी किए जिसका दृष्टि और मुख्य व विशिष्ट अतिथि ने जवाब दिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। यूपीएसएससी-2022 की परीक्षा में चयनित गोरखपुर की छात्रा दृष्टि जायसवाल काे सोमवार को महाराणा प्रताप महाविद्यालय, जंगल धूसड़ में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इस मौके पर सिविल सेवा की तैयारियों को लेकर अपने अनुभव साझा करते हुए दृष्टि ने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए हमेशा सपने देखते रहना होगा। परिश्रम के साथ दृढ़ संकल्प निश्चय और अनुशासन से यूपीएससी की परीक्षा को पास किया जा सकता है। इस परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को अपनी शक्ति पहचाननी होगी तथा संलग्न होकर कठिन परिश्रम करना होगा।
उन्होंने बताया कि गुणवत्तापूर्ण तैयारी के लिए प्रथम चरण यूपीएससी के पाठ्यक्रम का अच्छे से अवलोकन करें। इसके बाद एनसीईआरटी की किताबें निश्चित तौर पर पढ़ें, लेखन कौशल बेहतर करें, आत्मविश्वास अर्जित करें, अंतःप्रेरणा भी अत्यधिक जरूरी है। पाठ्येतर क्रियाओं में भाग लें। समाचार पत्रों के अध्ययन विशेषकर संपादकीय को अपनी दिनचर्या में लाएं। इस अवसर पर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खड़गवासला, पूणे के भौतिकी विभाग के पूर्व आचार्य डॉ राजेन्द्र भारती ने कहा की दृष्टि ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल कर महाविद्यालय और पूरे जिले का मान बढ़ाया है। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए यह बताया कि यूपीएससी परीक्षा में विद्यार्थियों के बौद्धिक ज्ञान के साथ-साथ स्पष्टता, नेतृत्व क्षमता, विश्लेषणात्मक क्षमता, प्रस्तुतीकरण करने की कला, संचार, वैज्ञानिक और तार्किक ज्ञान, शारीरिक भाव-भंगिमा का भी परीक्षण होता है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वह प्रतियोगी पुस्तकों सहित समाचार पत्र तथा संपादकीय जरूर पढ़ें। साथ ही भाषाई बोध तथा अन्य पाठ्य सहगामी क्रियाकलापों में भाग लें। इस दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी वीएन सिंह , महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल बाजपेयी ने दृष्टि को शुभकामनाएं दी। प्रश्नोत्तरी काल में छात्र-छात्राओं ने सवाल भी किए जिसका दृष्टि और मुख्य व विशिष्ट अतिथि ने जवाब दिए।
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