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कोरोना अलर्ट: उच्च रक्तचाप और मोटापे से पीड़ित गर्भवती को कोविड का खतरा अधिक, डॉक्टर से सलाह के बाद कराएं टीकाकरण
Fri, 02 Jul 2021 12:40 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 02 Jul 2021 12:40 PM IST
सार
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गर्भवती के टीकाकरण को बताया महत्वपूर्ण। ‘काउंसलिंग प्रेगनेंट वीमेन फॉर कोविड 19 वैक्सीन’ गाइडबुक में दी गई है सलाह।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
हाई बीपी और मोटापे से पीड़ित गर्भवती को कोविड का खतरा अधिक है। इससे बचने का सबसे सुरक्षित उपाय कोविड प्रतिरोधक टीकाकरण ही है। इस संबंध में सही और सटीक जानकारी देने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ‘काउंसलिंग प्रेगनेंट वीमेन फॉर कोविड 19 वैक्सीन’ गाइडबुक जारी की है। इसमें गर्भवती के कोविड टीकाकरण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई है।
गाइडबुक को विशेष रूप से फ्रंटलाइन वर्कर्स तथा वैक्सीनेटर के लिए तैयार किया गया है। जिसकी मदद से वह गर्भवती को कोविड टीकाकरण से संबंधित सही सलाह देकर टीकाकरण कराने में उनकी मदद कर सकते हैं।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि मंत्रालय ने गाइडबुक के जरिए बताया है कि गर्भवती को भी कोविड संक्रमण का खतरा है। अधिकतर गर्भवती में अलाक्षणिक या हल्के लक्षण दिख सकते हैं। हल्के लक्षणों के बावजूद संक्रमण से उनके स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है, जो गर्भस्थ शिशु की सेहत पर असर डाल सकता है। गर्भवती को कोविड संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए उनको टीकाकरण की सलाह दी जाती है।
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गाइडबुक को विशेष रूप से फ्रंटलाइन वर्कर्स तथा वैक्सीनेटर के लिए तैयार किया गया है। जिसकी मदद से वह गर्भवती को कोविड टीकाकरण से संबंधित सही सलाह देकर टीकाकरण कराने में उनकी मदद कर सकते हैं।
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सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि मंत्रालय ने गाइडबुक के जरिए बताया है कि गर्भवती को भी कोविड संक्रमण का खतरा है। अधिकतर गर्भवती में अलाक्षणिक या हल्के लक्षण दिख सकते हैं। हल्के लक्षणों के बावजूद संक्रमण से उनके स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है, जो गर्भस्थ शिशु की सेहत पर असर डाल सकता है। गर्भवती को कोविड संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए उनको टीकाकरण की सलाह दी जाती है।
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सिम्टोमेटिक गर्भवती को जान तक का खतरा
कोविड के सिम्टोमेटिक गर्भवती को मौत का खतरा भी होता है। इसलिए उन्हें अन्य मरीजों की तरह ही अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जरूरत होती है। इसके साथ ही ऐसी गर्भवती जिनकी उम्र 35 वर्ष से अधिक हो, मोटापा, उच्चरक्तचाप व डायबिटीज से पीड़ित हों उन्हें संक्रमण के जोखिम की आशंका अधिक रहती है। विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड संक्रमित गर्भवती से जन्में 95 फीसदी शिशु स्वस्थ रहे हैं, लेकिन कुछ मामलों में गर्भावस्था में कोविड संक्रमण के कारण समय से पूर्व प्रसव, बच्चों के वजन में कमी तथा जन्म से पूर्व गर्भ में ही मौत के मामले भी सामने आए हैं।
डॉक्टर से सलाह के बाद कराएं टीकाकरण
गर्भावस्था के अंतिम दिनों में या प्रसव के तुरंत बाद चिकित्सीय परामर्श से कोविड टीकाकरण कराया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई कोविड वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और टीकाकरण गर्भवती का संक्रमण से बचाव करता है।
डॉक्टर से सलाह के बाद कराएं टीकाकरण
गर्भावस्था के अंतिम दिनों में या प्रसव के तुरंत बाद चिकित्सीय परामर्श से कोविड टीकाकरण कराया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई कोविड वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और टीकाकरण गर्भवती का संक्रमण से बचाव करता है।