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रोजाना ऑनलाइन देना होगा रैन बसेरों में आने वाले लोगों का फीडबैक, डीएम ने जारी किया निर्देश
Sat, 05 Dec 2020 06:47 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 05 Dec 2020 06:47 PM IST
सार
- रैन बसेरों की सुविधाओं के बारे में गूगल शीट के जरिए उपलब्ध कराने का निर्देश
- निरीक्षण के दौरान अधिकारी इस फीडबैक के आधार पर लेंगे निर्णय
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जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इस ठंड में रैन बसेरों में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं में कटौती संचालकों को भारी पड़ सकती है। संचालकों को रैन बसेरों में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के अलावा वहां ठहरे लोगों का फीडबैक लेकर शासन प्रशासन को ऑनलाइन उपलब्ध कराना है। निरीक्षण के दौरान फीडबैक में उपलब्ध कराई जानकारी में कोई भिन्नता पाई जाती है तो संचालक को कार्रवाई झेलनी होगी।
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गूगल शीट पर उपलब्ध कराए जाने वाले इस एक पेज के फार्मेट में रैन बसेरे का नाम, पता, आगंतुक का नाम पता और फोन नंबर के अलावा बिस्तर, कंबल, चादर, तकिया, सैनिटाइजर, थर्मन स्कैनर, पेयजल, प्राथमिकता चिकित्सा किट, बिजली की आपूर्ति, सीसीटीवी कैमरा, लॉकर आदि की जानकारी भरनी है। साथ ही सफाई व्यवस्था की स्थिति के बारे में भी रिपोर्ट देनी है।
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डीएम के विजयेंद्र पांडियन ने स्पष्ट तौर पर निर्देश दिया है कि रैनबसेरों में आश्रय ले रहे आगंतुकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के मूल्यांकन के लिए फीडबैक फार्म पर प्रत्येक तहसील, नगर निगम एवं नगर पंचायतों द्वारा संचालित रैन बसेरों में आ रहे आगंतुकों से फीडबैक प्राप्त कर उपलब्ध कराएं।
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कहा कि रैनबसेरों के निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी के समक्ष आगंतुकों द्वारा दिए गए फीडबैक को प्रस्तुत करना होगा। प्रत्येक दिन दोपहर दो बजे तक निर्धारित प्रारूप पर सूचना आपदा कार्यालय को उपलब्ध कराना है। डीएम ने इसके लिए एक नोडल अधिकारी नामित करने का निर्देश दिया है।