Gorakhpur News: गोरखपुर में रोडवेज के बस स्टेशनों के सामने से चल रहीं डग्गामार बसें, जिम्मेदार बेखबर
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक महेश चंद्र ने कहा कि डग्गामार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए आरटीओ को हमेशा पत्र लिखा जाता है। लेकिन, उनपर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है। इसके चलते रोडवेज को राजस्व का काफी नुकसान होता है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर में ही उनके आदेश बेअसर साबित हो रहे हैं। शहर में तमाम स्थानों से डग्गामार बसों का संचालन के साथ ही रोडवेज के बस स्टेशनों के सामने से भी डग्गामार बसें बिना किसी रोकटोक चल रहीं हैं और जिम्मेदार आंखें बंद किए हुए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह महीने पहले आदेश दिया था कि अवैध रूप से चल रहे स्टैंड को हटाते हुए वहां से वाहनों का संचालन बंद कराया जाए। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी शहर में खुलेआम अवैध स्टैंड से बसों का संचालन हो रहा है। डग्गामार बस संचालक इतने निडर हैं कि रोडवेज के कचहरी और नौसड़ बस स्टेशन के सामने से ही सवारियां भरकर बसों का संचालन करा रहे हैं। जबकि, कचहरी बस स्टेशन के सामने ही कमिश्नर कार्यालय है।
इन दोनों बस स्टेशनों के अलावा रेलवे बस स्टेशन के आसपास और पैडलेगंज से डग्गामार बसों का संचालन हो रहा है। लेकिन, जिम्मेदार कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। परिवहन विभाग और रोडवेज के अधिकारी डग्गामारी पर सिर्फ एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहते हैं।
आरएम को कुचलने का भी हो चुका है प्रयास
एक महीने पहले रेलवे बस स्टेशन पर जांच के लिए पहुंचे परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके तिवारी को एक डग्गामार बस ने कुचलने के कोशिश की थी, जिसके बाद आरएम ने बस चालक पर मुकदमा दर्ज कराया था।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक महेश चंद्र ने कहा कि डग्गामार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए आरटीओ को हमेशा पत्र लिखा जाता है। लेकिन, उनपर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है। इसके चलते रोडवेज को राजस्व का काफी नुकसान होता है।
आरटीओ प्रवर्तन वीके सिंह ने कहा कि समय-समय पर डग्गामार बसों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। आगे भी डग्गामार बसों के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।