दावत के बहाने बुलाकर दो चचेरे भाईयों की हुई थी हत्या, अब व्हाट्सएप ग्रुप के इन सदस्यों की हो रही तलाश
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के झंगहा में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद महाकाल व महादेव ग्रुप से जुड़े लोगों को ढूंढ रही पुलिस को 30 लोगों का नाम मिला है। यह सभी व्हाट्सएप पर चल रहे ग्रुप के सक्रिय सदस्य थे। सभी ने घटना के बाद से ग्रुप छोड़ दिया है। एसएसपी ने इन लोगों की निगरानी करने का निर्देश दिया है।
उधर, दोहरे हत्याकांड का मुख्य साजिश कर्ता राणा प्रताप सिंह पुलिस की पकड़ से दूर है। उसके ऊपर 15 हजार रुपये का इनाम है। उसके घर पर पुलिस कुर्की का नोटिस भी चस्पा कर चुकी है। खोराबार, झंगहा, चौरीचौरा, देवरिया के गौरीबाजार, रुद्रपुर और कुशीनगर के हाटा कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले युवक महादेव व महाकाल ग्रुप से जुड़े हैं।
सर्विलांस की मदद से पुलिस ने दोनों ग्रुप से जुड़े युवकों की सूची तैयार की है। एसपी नार्थ अरविंद पांडेय ने बताया कि ग्रुप से जुड़े लोगों की स्थानीय पुलिस निगरानी कर रही है। इनको संरक्षण देने वालों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
यह है मामला
24 मई को खोराबार के रामनगर कड़जहां गांव के रहने वाले चचेरे भाई दिवाकर निषाद और कृष्णा की झंगहा थानाक्षेत्र के गौरीघाट में बांध किनारे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बदमाशों ने शराब की दावत के बहाने दोनों को बुलाया था। 31 मई को क्राइम ब्रांच की मदद से झंगहा पुलिस ने घटना का पर्दाफाश किया था। वारदात में शामिल 12 आरोपितों में से 11 जेल में हैं। खोराबार के जंगल रमलखना गांव का रहने वाला साजिश कर्ता राणा प्रताप घर छोड़कर फरार है।