दुकानदार हत्याकांड का खुलासा: 'चोर-चोर कहते, मां पर टिप्पणी करते थे जगदीश चौधरी, हत्या न करता तो क्या करता'
आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने दुकानदार जगदीश चौधरी की हत्या का पर्दाफाश किया। आरोपी ने दुकानदार पर झूठे चोरी के इल्जाम में नौकरी से निकालने का आरोप लगाया था।
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संतकबीरनगर जिले के कोतवाली क्षेत्र के छांछापार निवासी हार्डवेयर दुकानदार की हत्या के नामजद आरोपी को पुलिस ने बुधवार को बघौली तिराहे के पास से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या प्रयुक्त रॉड बरामद कर ली। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दुकानदार जगदीश चौधरी ने पहले उसे चोरी के झूठे आरोप में पहले नौकरी से निकाल दिया था। अब उसे चोर-चोर कह कर चिढ़ाते थे। उसके दोस्तों के सामने उसकी मां पर भी अभद्र टिप्पणी करते थे, ऐसे में वह उन्हें मारता नहीं तो क्या करता।
एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने बताया कि छांछापार गांव निवासी जगदीश चौधरी (65) बनकटिया- पचपोखरी मार्ग पर हार्डवेयर की दुकान चलाते थे। रविवार रात सोते दौरान जगदीश चौधरी की हत्या कर दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट पहुंचा कर हत्या की बात सामने आई थी। दुकानदार के बेटे विजय कुमार चौधरी ने चोरी की मंशा से गांव के गोलू कन्नौजिया पर सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया था।
पुलिस गोलू कन्नौजिया और कुछ अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही थी। हत्या के पर्दाफाश के लिए कोतवाली पुलिस के साथ स्वॉट व सर्विलांस की टीम को लगाई गई थी। बुधवार को कोतवाली पुलिस की टीम ने हत्या के नामजद आरोपी पंकज उर्फ गोलू कन्नौजिया निवासी छांछापार को बघौली तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी गोलू कन्नौजिया ने बताया कि वह पहले जगदीश चौधरी की दुकान पर मालवाहक गाड़ी का ड्राइवर था। जगदीश चौधरी ने उसके ऊपर कई बार चोरी का इल्जाम लगाकर बदनाम किया। चोरी के झूठे आरोप में शंका के आधार पर उसे नौकरी से निकाल दिया। इसके बाद वह माहनपार में शराब भठ्ठी के पास गुमटी में अंडा बेचने का काम करने लगा। उसकी मां पास के एक प्राइवेट अस्पताल में सफाई का काम करती है।
एसपी ने पुलिस टीम को दिया दस हजार का इनाम
आरोपी ने बताया कि जगदीश चौधरी उसे चोर-चोर कह कर चिढ़ाते थे। उसके दोस्तों के सामने उसकी मां पर भी अभद्र टिप्पणी करते थे। इस वजह से वह खुद को अपमानित महसूस करता था। उसी से क्षुब्ध होकर जगदीश की हत्या की योजना बनाई। 19 सितंबर की रात नौ बजे अपनी दुकान बंद करके घर गया और शराब पी। रात में जब उसके परिजन सो गए तो घर से बाइक के शॉकर की रॉड लेकर अकेले जगदीश चौधरी की दुकान पर पहुंच गया।
दुकान के बाहर सोए जगदीश के सिर पर रॉड से कई बार प्रहार किया। जब उसे विश्वास हो गया कि जगदीश की मृत्यु हो चुकी है। उसके बाद तकिया के नीचे रखी गोदाम की चाभी ले ली और गोदाम को खोलकर काउंटर व उसके दराज को चेक किया ,लेकिन उसमें कोई रकम नहीं मिला। घटना के समय पहने जिंस की पैंट, बनियान से रॉड को साफ कर दिया। पकड़े गए आरोपित की निशानदेही पर उसके कमरे से घटना में प्रयुक्त रॉड बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
हत्यारोपी को पकड़ने वाली पुलिस टीम में एसएसआई राकेश कुमार मिश्रा, चौकी इंचार्ज कलेक्ट्रेट रजनीश राय, चौकी इंचार्ज बघौली बलराम पांडेय, चौकी इंचार्ज गोला बाजार अनिरुद्ध सिंह, हेड कांस्टेबल राणा प्रताप यादव, कांस्टेबल गिरिजेश उपाध्याय, अरुण आदि शामिल रहे। एसपी ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाई और दस हजार रूपये का इनाम भी दिया।