{"_id":"5f7dd6728ebc3e9b8817545e","slug":"husband-life-imprisonment-in-dowry-murder-case-at-maharajganj","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक लाख रुपये के लिए पत्नी को उतारा था मौत के घाट, अब कोर्ट ने सुनाई ये सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
एक लाख रुपये के लिए पत्नी को उतारा था मौत के घाट, अब कोर्ट ने सुनाई ये सजा
Wed, 07 Oct 2020 08:23 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 07 Oct 2020 08:23 PM IST
विज्ञापन
court order
- फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के महराजगंज में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शख्स को दहेज को लेकर हुई महिला की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
ये है पूरा मामला
पत्रावली से मिली जानकारी के मुताबिक फरेंदा थाना क्षेत्र के ग्राम पेखरभिंडा निवासी सनोहर पुत्र बदल ने कोल्हुई थाने में दी गई। तहरीर में लिखा था कि उसकी पुत्री का विवाह छह वर्ष पूर्व थाना क्षेत्र के ही खैरा ग्राम के भगड़वा टोले पर हुआ था।
विवाह के बाद से ही उमेश दहेज में एक लाख रुपये की मांग करते हुए उसे प्रताड़ित करने लगा। पुत्री का घर न बर्बाद हो इसलिए कई बार उमेश को समझाया भी मगर छह अक्तूबर 2016 को दहेज के लिए उनकी पुत्री की हत्या कर दी गई।
विज्ञापन
मामले में सनोहर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ। शासकीय अधिवक्ता मिथिलेश पांडेय ने सात गवाह एवं दस्तावेजी साक्ष्य को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम नीरज कुमार बख्शी के समक्ष प्रस्तुत किया।
पत्रावली पर उपलब्ध सबूतों व गवाहों के बयान के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने मामले में पति उमेश को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
ये है पूरा मामला
पत्रावली से मिली जानकारी के मुताबिक फरेंदा थाना क्षेत्र के ग्राम पेखरभिंडा निवासी सनोहर पुत्र बदल ने कोल्हुई थाने में दी गई। तहरीर में लिखा था कि उसकी पुत्री का विवाह छह वर्ष पूर्व थाना क्षेत्र के ही खैरा ग्राम के भगड़वा टोले पर हुआ था।
विज्ञापन
विवाह के बाद से ही उमेश दहेज में एक लाख रुपये की मांग करते हुए उसे प्रताड़ित करने लगा। पुत्री का घर न बर्बाद हो इसलिए कई बार उमेश को समझाया भी मगर छह अक्तूबर 2016 को दहेज के लिए उनकी पुत्री की हत्या कर दी गई।
विज्ञापन
मामले में सनोहर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ। शासकीय अधिवक्ता मिथिलेश पांडेय ने सात गवाह एवं दस्तावेजी साक्ष्य को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम नीरज कुमार बख्शी के समक्ष प्रस्तुत किया।
पत्रावली पर उपलब्ध सबूतों व गवाहों के बयान के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने मामले में पति उमेश को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।