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कस्टम अधिकारी बन स्वर्ण व्यापारी से आठ लाख के गहने लेकर फरार हुआ जालसाज, बोला- 'कल दफ्तर आना'
Thu, 31 Dec 2020 12:13 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 31 Dec 2020 12:13 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : pixabay
गोरखपुर के शाहपुर इलाके के खजांची चौक के पास महराजगंज से लौट रहे व्यापारी को कस्टम अधिकारी बनकर जालसाजी का शिकार बनाए जाने का मामला सामने आया है। खबर है कि तीन की संख्या में आए बदमाशों ने कस्टम अधिकारी बनकर गाड़ी रुकवाई और चेकिंग के नाम पर गहने ले लिए। फिर बोले कि तुम तस्करी करते हो और मैं कस्टम अधिकारी नौतनवां अनिल हूं, कल आकर दफ्तर में मिलना। मंगलवार रात हुई वारदात के बाद बुधवार को व्यापारी नौनतवां पहुंचे तब उन्हें जालसाजी की जानकारी हुई। पीड़ित व्यापारी ने सीओ गोरखनाथ को घटना की जानकारी दी मगर पुलिस का कहना है कि लिखित तहरीर नहीं मिली है।
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जानकारी के मुताबिक, घंटाघर के व्यापारी विनोद मंगलवार को साप्ताहिक बंदी के दिन तगादा करने महराजगंज गए थे। लौटने समय उनके पास करीब ढाई लाख रुपये नकद और आठ लाख के सोने-चांदी के जेवरात थे। खजांची चौराहे के पास तीन युवकों ने उन्हें रोका और खुद को कस्टम अधिकारी बताते हुए गाड़ी में सवार हो गए। गाली देते हुए चेकिंग के नाम पर गहनों को ले लिया और नकदी से कस्टम का वास्ता न होने की बात कहते हुए छोड़ दिया। फिर गाड़ी में बैठकर पादरीबाजार की ओर ले गए।
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व्यापारी ने घुमाने से मना करते हुए कार्रवाई की बात कही तो गाली देते हुए छोड़े और बोले कि कल यानी बुधवार को नौतनवां दफ्तर पर आना। व्यापारी बुधवार को नौतनवां गए तो पता चला कि वहां न तो अनिल नाम का कोई अफसर है और न ही टीम कहीं गई थी। इसके बाद व्यापारी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अपने स्तर से जांच पड़ताल की है, मगर कहीं कुछ नहीं मिला है।
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गोरखनाथ सीओ रत्नेश सिंह ने कहा कि मौखिक सूचना दी गई थी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसी टीवी कैमरों को खंगाला है, मगर कहीं पर कोई ऐसी घटना नहीं मिली है। तहरीर देने के लिए कहा गया था, लेकिन नहीं दी गई। तहरीर मिली तो उस हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।