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कोरोना पर वार: नए साल में 18 लाख बच्चों को लगेगा कोविड टीका, स्वास्थ्य विभाग तैयार कर रहा रणनीति
Fri, 12 Nov 2021 01:36 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 12 Nov 2021 01:36 PM IST
सार
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से टीकाकरण को मंजूरी भी मिल चुकी है। इसमें कोवैक्सीन और जायडस की वैक्सीन शामिल हैं। इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारी भी शुरू हो गई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
गोरखपुर जिले के 18 लाख से अधिक बच्चों को नए साल में कोरोना से बचाव के टीके का तोहफा मिलेगा। पहले चरण में बीमार बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगाई जाएगी। इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि जायडस और कोवैक्सीन का टीका बच्चों को लग सकता है।
जानकारी के मुताबिक कोविड की संभावित तीसरी लहर में विशेषज्ञ बच्चों को ज्यादा खतरा बता रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार भी बच्चों के वैक्सिनेशन पर तेजी से काम कर रही है। दो टीकों का ट्रायल भी देश भर में हो चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से टीकाकरण को मंजूरी भी मिल चुकी है। इसमें कोवैक्सीन और जायडस की वैक्सीन शामिल हैं। इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारी भी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है दो साल से लेकर 17 साल के बच्चों को टीका लगना है। जिले में इनकी संख्या करीब 18 लाख के आसपास है।
डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि पहले चरण में बीमार बच्चों को टीका लगाया जाएगा। ऐसे बच्चों की सूची तैयार करने में विभाग जुट गया है। इसके लिए आशा, एएनएम की मदद ली जा रही है। इनमें दिव्यांग से लेकर अन्य बीमारियों से ग्रसित बच्चों भी शामिल किए गए हैं।
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सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर विभाग की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। नए साल पर बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए दो टीके मिल सकते हैं। बच्चों के लिए अलग से बूथ भी बनाए जाएंगे। इससे पूर्व सामान्य नागरिकों को कोविड टीका लगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
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जानकारी के मुताबिक कोविड की संभावित तीसरी लहर में विशेषज्ञ बच्चों को ज्यादा खतरा बता रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार भी बच्चों के वैक्सिनेशन पर तेजी से काम कर रही है। दो टीकों का ट्रायल भी देश भर में हो चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से टीकाकरण को मंजूरी भी मिल चुकी है। इसमें कोवैक्सीन और जायडस की वैक्सीन शामिल हैं। इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारी भी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है दो साल से लेकर 17 साल के बच्चों को टीका लगना है। जिले में इनकी संख्या करीब 18 लाख के आसपास है।
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डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि पहले चरण में बीमार बच्चों को टीका लगाया जाएगा। ऐसे बच्चों की सूची तैयार करने में विभाग जुट गया है। इसके लिए आशा, एएनएम की मदद ली जा रही है। इनमें दिव्यांग से लेकर अन्य बीमारियों से ग्रसित बच्चों भी शामिल किए गए हैं।
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सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर विभाग की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। नए साल पर बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए दो टीके मिल सकते हैं। बच्चों के लिए अलग से बूथ भी बनाए जाएंगे। इससे पूर्व सामान्य नागरिकों को कोविड टीका लगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।