गोरखपुर: कोर्ट ने सुनाया फैसला, दो हत्याभियुक्तों को आजीवन कारावास
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर जिले में हत्या का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर जनपद न्यायाधीश तेज प्रताप तिवारी ने सहजनवां थाना क्षेत्र के भीटी रावत निवासी अभियुक्त सुग्रीव गुप्ता व मधुरा गुप्ता को आजीवन कारावास और 12 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर अभियुक्तों को तीन माह अतिरिक्त कारावास अलग से भुगतना होगा।
वहीं मधुरा गुप्ता की ओर से दर्ज कराए गए मारपीट के मुकदमे की सुनवाई करते हुए जनपद न्यायाधीश ने भीटी रावत निवासी संतबली यादव, हरिबंश यादव, कृष्ण कुमार व शक्ति कुमार यादव को एक साल का कारावास एवं एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड दिया है।
जानकारी के मुताबिक, अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता यशपाल सिंह और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जयनाथ यादव का कहना था कि वादी सुमेर यादव सहजनवां थाना क्षेत्र के भीटी रावत का निवासी है। वह दो साल से अपना मकान बनवा रहा था और परिवार सहित किराए के मकान में रह रहा था। उसके बगल में रहने वाले मधुरा का लड़का घनश्याम उसकी लड़की कंचनलता पर बुरी नीयत रखता था। जिसकी शिकायत वादी ने की तो घनश्याम की पिटाई हो गई।
एक नवंबर 2005 की सुबह करीब 9:30 बजे वादी अपनी पत्नी व लड़के साथ घर का सामान अपने नए घर में शिफ्ट करवा रहा था। बेटी कंचनलता घर में खाना बना रही थी। वादी की लड़की को घर में अकेला पाकर घनश्याम, हीरालाल, सुग्रीव व मधुरा उसके घर में घुस आए और कंचनलता का गला धारदार हथियार से रेत दिया जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
मधुरा गुप्ता की तरफ से दर्ज कराए गए मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता उमेश चंद पांडेय का कहना था कि वादी मधुरा सहजनवां थाना क्षेत्र भीटी रावत का निवासी है। घटना एक नवंबर 2005 की सुबह 9:30 बजे की है। उसी रात कुछ अज्ञात लोगों ने कंचनलता की हत्या कर दी।
सुबह कंचनलता के परिवार वालों को जब वह मृत अवस्था में मिली तो कंचनलता के परिजनों को साजिश में लेकर संतबली, कोईल उर्फ राजेंद्र, दशरथ, हरिवंश, कृष्ण कुमार, शक्ति व दिनेश वादी के घर व दुकान में घुस गए और वादी के लड़के घनश्याम को खींचकर मारा-पीटा था। इस मामले में जनपद न्यायाधीश ने संतबली यादव, हरिबंश यादव, कृष्ण कुमार व शक्ति कुमार यादव को दोषी मानते हुए एक साल का कारावास एवं एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड दिया।