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गोरखपुर के 10 निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों की भर्ती पर रोक, इस वजह से लिया गया फैसला

Sun, 26 Jul 2020 07:42 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 26 Jul 2020 07:42 PM IST
सार

  • सामान्य और कोरोना मरीजों के सिर्फ एक रास्ते 
  • संक्रमण न फैलने पाए इसलिए लगाई गई रोक 

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Coronavirus in Gorakhpur Ten private hospitals ban recruitment of Covid patients
कोरोना वायरस। - फोटो : PTI

विस्तार

गोरखपुर शहर के जिन 11 निजी अस्पतालों को कोविड मरीजों को इलाज करने की अनुमति मिली थी। उनमें 10 निजी अस्पतालों पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। 

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इन अस्पतालों में लेवल-टू के मरीजों को भर्ती होने की सुविधा थी। विभाग का कहना है कि इन अस्पतालों में 10 सामान्य व कोविड मरीजों के प्रवेश का एक ही रास्ता है। इसकी वजह से प्रशासन ने इस पर रोक लगाई है।
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अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि जल्द ही सामान्य व कोविड मरीजों में प्रवेश व निकास के लिए अलग-अलग रास्तों का इंतजाम करें। शुरुआती दौर में लेवल टू व थ्री अस्पताल बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बनाया गया था। लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण बेड फुल हो गया। इसकी वजह से प्रशासन के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई थी।

आनन-फानन में 100 बेड टीबी अस्पताल में बने क्वारंटीन सेंटर को लेवल टू बनाया गया। इसके बाद भी मामला नहीं बना तो प्रशासन ने 11 निजी अस्पतालों को लेवल-टू बनाने का फैसला किया। इन 11 अस्पतालों में 250 बेड अधिग्रहित किए गए थे। इसके लिए सामान्य मरीजों को आठ हजार और गंभीर मरीजों के लिए एक दिन के 13 हजार रुपये शुल्क तय किए गए है। 

एक अस्पाल को मिली छूट

इनमें से फातिमा अस्पताल को छोड़कर किसी के पास सामान्य व कोविड मरीजों के आने-जाने के लिए अलग-अलग मार्ग नहीं हैं। इसलिए अभी केवल फातिमा में ही मरीज भर्ती होंगे। शेष पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। 

बताया जा रहा है कि यह रोक आगे भी लगी रहेगी। क्योंकि प्रशासन ने पैनेसिया हॉस्पिटल को कोविड अस्पताल बनाने की मंजूरी दे दी है। शुरुआती दौर में 80 बेड कोविड मरीजों के लिए बनाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर उनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। 

सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि 11 में 10 अस्पतालों में सामान्य व कोविड मरीजों के आने-जाने के लिए अलग-अलग रास्ते नहीं हैं। इसलिए सामान्य मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा है।

इसकी वजह से 10 अस्पतालों में कोविड मरीजों की भर्ती पर रोक लगा दी गई है। उन्हें दोनों तरह के मरीजों के लिए अलग-अलग रास्ते बनाने के निर्देश दिए गए हैं। 
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