इस एक वजह से बदल गई राजनीति, जो भीड़ जुटाकर दिखाते थे ताकत, अब ऐसे निपटा रहे हैं काम
- भाजपा गोरखपुर क्षेत्र ने अगले दो महीने की बैठकें तय कीं
- अब ऑडियो-वीडियो कॉल से हो रही संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना वायरस की चुनौती ने राजनीति की दशा-दिशा बदल दी है। जो भाजपा भीड़ जुटाकर ताकत का एहसास कराती थी, अब वह ऑडियो-वीडियो कॉल या फिर कांफ्रेंसिंग के जरिए संगठनात्मक कामकाज की बात कर रही है। पार्टी की गोरखपुर क्षेत्र इकाई ने संगठनात्मक कामकाज के लिए जिला और मंडल कमेटियों की बैठकें भी तय कर दी हैं।
भाजपा गोरखपुर क्षेत्र की बैठक सोमवार को बेनीगंज स्थित पार्टी कार्यालय में हुई। क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि कोरोना संकट के बीच लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य है। इस लिहाज से अगले दो महीने (जून, जुलाई) के संगठनात्मक कामकाज ऑडियो और वीडियो कॉल के जरिए किए जाएंगे।
मंगलवार और बुधवार (26, 27) जिला इकाइयों की बैठक वीडियो कॉलिंग के जरिए होगी। इसमें जिलाध्यक्ष के साथ ही चारों महामंत्री, मंडल अध्यक्ष, मंडल प्रभारी शामिल होंगे। क्षेत्रीय मंत्री विश्वजितांशु सिंह आशु, क्षेत्रीय मंत्री प्रदीप शुक्ला और क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी बृजेशराम त्रिपाठी ने कहा कि गोरखपुर क्षेत्र के बूथ अध्यक्षों, सेक्टर प्रभारी और सेक्टर संयोजकों की बैठक पहले वीडियो कॉलिंग के जरिए हो चुकी है।
पहले खचाखच भरे होते थे कार्यक्रम हाल
अब जिला, मंडल इकाइयों की बैठकें होंगी। हर जिले के प्रभारी भी नामित किए गए हैं। गोरखपुर क्षेत्र के प्रभारी व प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह संतकबीरनगर, देवरिया और बस्ती की बैठक में रहेंगे। क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह को आजमगढ़, लालगंज, क्षेत्रीय महामंत्री संगठन रत्नाकर को कुशीनगर, प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह को कुशीनगर, प्रदेश मंत्री त्रयंबकनाथ त्रिपाठी मऊ व बलिया, प्रदेश मंत्री कामेश्वर सिंह सिद्धार्थनगर और महराजगंज की बैठक में रहेंगे। जिला इकाई के बाद गोरखपुर क्षेत्र के अलग-अलग जिलों के 286 मंडलों की बैठकें होंगी।
कोरोना संकट से पहले भाजपा हर माह संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा करती थी। इसमें प्रदेश अध्यक्ष या फिर प्रदेश महामंत्री संगठन उपस्थित रहते थे। क्षेत्रीय, जिला और महानगर इकाई को अलग-अलग लक्ष्य दिया जाता था। जिला, मंडल और बूथ इकाइयों के कार्यकर्ता बैठक में बुलाए जाते थे।
ज्यादातर बैठकें गोरखपुर क्लब में होती थीं। क्लब का हाल खचाखच भरा रहता था। अब ऐसा नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संगठनात्मक कामकाज की जानकारी ले रहे हैं।