गोरखपुर: श्रमिक स्पेशल में 25 साल के युवक की हुई मौत, बाराबंकी में बिगड़ी थी तबियत, होगी कोरोना जांच
- गोरखपुर में शव उतारकर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, होगी कोरोना की जांच
- छोटे भाई को खोने का था गम पर भूख तोड़ रही थी दम
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ललितपुर से आ रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सोमवार को 25 वर्षीय एक युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसकी तबीयत बाराबंकी में बिगड़ी। उसके पेट में तेज दर्द होने लगा और सांस फूलने लगी। थोड़ी ही देर में युवक ने दम तोड़ दिया।
साथ में सफर कर रहे उसके भाई की सूचना पर गोरखपुर में आए डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीपीई किट पहनकर जीआरपी ने शव को उतारा और मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया, जहां कोरोना का संदिग्ध मानकर नमूना लेकर कोरोना की जांच की जाएगी।
रेलवे स्टेशन पर मौजूद मृत युवक के भाई ने बताया कि वह मुजफ्फरपुर, बिहार का रहने वाला है। ललितपुर में भाई के पेट में दर्द हुआ तो स्टेशन पर डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टर ने दो गोलियां दी और कहा आराम हो जाएगा। दवा खाने के बाद आराम हुआ और हम ट्रेन में बैठकर चल दिए।
भाई को खोने का था गम पर भूख तोड़ रही थी दम
रास्ते में उसे खाने को दिया तो बोला कि पेट में जलन हो रही है। दो पूड़ी खाया और फिर लेट गया। बाराबंकी में उसे तेज दर्द होने लगा। ट्रेन चल दी और बताया गया कि गोरखपुर में ही रुकेगी। डॉक्टर की दवा फिर उसे दी, लेकिन आराम नहीं मिला। थोड़ी ही देर में उसकी सांसें थम गई। गोरखपुर में प्लेटफॉर्म नौ पर जब ट्रेन आई तो डॉक्टरों ने उस मृत बताया।
रेलवे स्टेशन पर बड़े भाई को जहां छोटे भाई को खोने का गम था वहीं भूख से उसका बुरा हाल था। भाई की मौत के बारे में पूछते ही फूट फूटकर रोने लगा। बोला, साहब हमें क्या पता था कि यह उसके साथ आखिरी सफर है। भूख बहुत लगी थी तो जीआरपी के सिपाही ने मुझे और मेरे साथ दो और लोगों को कचौड़ी-सब्जी खाने को दिया। भाई का शव मेडिकल कॉलेज गया है, कल शव को लेकर ही जाएंगे।