गोरखपुर में कोरोना संक्रमितों की बढ़ रही है संख्या, अब क्वारंटीन सेंटर पर ही किया जा रहा ये जांच
- मंडलीय कारागार, सहजनवां और सरस्वती विद्या मंदिर के सेंटर से लिए गए सैंपल
- बड़हलगंज, उरूवा और जंगल कौड़िया में भी शुरू पूल टेस्टिंग
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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जिले में पूल टेस्टिंग शुरू कर दी गई है। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि चिकित्सकों और लैब टेक्नीशियन की तीन अलग-अलग टीमें क्वारंटीन सेंटर पर जाकर पूल टेस्टिंग कर रही है।
मंडलीय कारागार गोरखपुर, सहजनवां और सरस्वती विद्या मंदिर स्थित क्वारंटीन सेंटर्स से 60 लोगों के सैंपल पूल टेस्टिंग के लिए भेजे गए है। गुरुवार को बड़हलगंज से 30 लोगों की पूल टेस्टिंग के लिए नमूना लेकर भेजा गया है। जिनका नमूना लिया गया है सभी प्रवासी हैं और क्वारंटीन सेंटर में हैं।
सीएमओ ने क्वारंटीन सेंटर में रह लगे लोगों और उनके परिजनों से अपील की है कि कोरोना वारियर्स के साथ दुर्व्यहार न करें। ऐसा करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों ब्रह्मपुर पीएचसी की मेडिकल टीम से अभद्रता की गई थी। इस मामले में आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
कहा कि चिकित्सक और पैरामेडिकल टीम जान जोखिम में डाल कर क्वारंटीन सेंटर पर संभावित रोगियों के बीच काम करने जा रही हैं। ऐसे में सभी उनका सम्मान करें। सीएमओ ने बताया कि जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आईबी विश्वकर्मा की देखरेख में पूल टेस्टिंग के कार्य को और तेज किया जाएगा, जिससे की ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच हो सके।
इस तरह होती है पूल टेस्टिंग
सीएमओ ने बताया कि कोरोना के संभावित रोगियों का कई ग्रुप बना कर सभी के सैंपल मिक्स कर दिए जाते हैं। जिन ग्रुप्स में रिपोर्ट निगेटिव आती है, उतने लोगों को कोरोना से मुक्त मानते हुए जिन ग्रुप की रिपोर्ट पॉजिटिव होती है वहां उनकी व्यक्तिगत सैंपलिंग कर जांच की जाती है।
उन्होंने बताया कि गीडा स्थित डेंटल कॉलेज और नंदानगर स्थित टीबी अस्पताल में बने क्वारंटीन सेंटर में लोगों की वन-टू-वन सैंपलिंग की जा रही है।