फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Fight against coronavirus won by minor child in gorakhpur basti mandal

कोरोना के खिलाफ जंग जीतने में मासूम आगे, विशेषज्ञों ने बताई ये खास बात

Sat, 03 Oct 2020 09:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो नीरज मिश्र, गोरखपुर।
नीरज मिश्र, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sat, 03 Oct 2020 09:38 AM IST
विज्ञापन
Fight against coronavirus won by minor child in gorakhpur basti mandal
फाइल फोटो। - फोटो : PTI
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कोरोना वायरस के खिलाफ जंग जीतने में मासूम आगे हैं। युवाओं और बुजुर्गों के मुकाबले इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर है। इसी का नतीजा है कि मासूम नाम मात्र की दवा और मां के दूध से ही ठीक हो जा रहे हैं।
विज्ञापन


विशेषज्ञों का कहना है कि मासूमों के संक्रमण की रफ्तार कम है। अब तक महज एक से डेढ़ प्रतिशत मासूम ही संक्रमण का शिकार हुए हैं। इनकी उम्र तीन माह से लेकर 12 साल के भीतर रही है। खास बात यह है कि इनमें शत-प्रतिशत कोरोना से जंग जीते हैं। एक भी मासूम की मौत संक्रमण की वजह से नहीं हुई है। बीआरडी ने अब इस पर शोध करने का फैसला किया है। मौजूदा समय में 14 मासूम संक्रमित हैं और सभी होम आइसोलेशन में हैं।
विज्ञापन


बीआरडी मेडिकल कॉलेज की बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता मेहता ने बताया कि करीब 70 से 80 मासूम ठीक होकर बीआरडी से घर जा चुके हैं। इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत अच्छी रही है। यही वजह है कि इन्हें नाम मात्र की दवाएं दी गईं। बताया कि कुछ नवजात तो मां का दूध पीकर ही ठीक हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


बीआरडी के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि मासूमों के ठीक होने की रफ्तार बुजुर्गों और युवाओं से भी अच्छी रही है। अब तक एक भी मासूम की मौत संक्रमण से नहीं हुई है। इस पर बीआरडी की टीम शोध करेगी।

तीन माह का मासूम हो गया था ठीक

बस्ती का रहने वाला तीन माह का मासूम पूर्वांचल में बच्चों में सबसे पहले कोरोना संक्रमण का शिकार हुआ था। मासूम की मां और पिता दोनों संक्रमित नहीं थे। बीआरडी के डॉक्टरों की देखरेख में मां ने स्तनपान कराया और महज 10 से 12 दिनों के अंदर मासूम ठीक होकर घर चला गया। इस बीच दो बार मां की जांच की गई, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आई।

12 साल का बालक संक्रमण से मुक्त हुआ, सर्प दंश से गई जान
जाफरा बाजार का रहने वाला 12 साल का एक बालक अगस्त माह में कोरोना वायरस की चपेट में आया था। बीआरडी में भर्ती होने के बाद वह पूरी तरह से स्वस्थ होकर घर गया। एक सप्ताह बाद उसकी मौत हो गई। जांच में सर्पदंश से जान जाने की बात सामने आई थी।

105 कोरोना संक्रमितों ने 114 शिशुओं को जन्म दिया
बीआरडी में कोरोना संक्रमित 105 गर्भवती 114 शिशुओं को जन्म दे चुकी हैं। इनमें एक गर्भवती एचआईवी और कोरोना दोनों से पीड़ित थी। उसने भी स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। बीआरडी प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि देवरिया की 26 साल की पॉजिटिव महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया है। इसके अलावा छह प्रसूताओं ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है। लेकिन कोई मासूम संक्रमण का शिकार नहीं हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed