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Exclusive: विकास भारती स्कूल में प्रबंध समिति के चुनाव पर घमासान, पांच सदस्यीय कमेटी कर रही संचालन

Mon, 22 Aug 2022 12:23 PM IST
vivek shukla संतोष सिंह, गोरखपुर।
संतोष सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 22 Aug 2022 12:23 PM IST
सार

विकास भारती स्कूल डे बोर्डिंग हैं। इसके प्रबंधतंत्र से शहर के प्रमुख उद्योगपति जुड़े हैं। नियमानुसार, अध्यक्ष, सचिव व कोषाध्यक्ष का चुनाव हर दो वर्ष में होता है। पिछला चुनाव 15 अगस्त 2021 में होना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। एक वर्ष से ज्यादा का समय बीत चुका, फिर भी मामला जस का तस है।

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Controversy over election of managing committee in Vikas Bharti School
विकास भारती स्कूल। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) से मान्यता प्राप्त विकास भारती स्कूल के प्रबंधतंत्र के चुनाव को लेकर घमासान मचा है। जिस प्रबंध समिति का चुनाव एक वर्ष पहले होना चाहिए था, वह अभी तक नहीं कराया जा सका।

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अब प्रमुख उद्योगपति व स्कूल के संस्थापक सदस्य ओम प्रकाश जालान ने प्रबंधतंत्र व उससे जुड़े सदस्यों की सूची पर ही सवाल खड़े कर दिए। इससे चुनाव का और लटकना तय है।
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विकास भारती स्कूल डे बोर्डिंग हैं। इसके प्रबंधतंत्र से शहर के प्रमुख उद्योगपति जुड़े हैं। नियमानुसार, अध्यक्ष, सचिव व कोषाध्यक्ष का चुनाव हर दो वर्ष में होता है। पिछला चुनाव 15 अगस्त 2021 में होना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। एक वर्ष से ज्यादा का समय बीत चुका, फिर भी मामला जस का तस है। इसी सिलसिले में 18 फरवरी 2022 को बैठक भी हुई थी। इसके बावजूद कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका।
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यह मामला सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटी एंड चिट्स तक पहुंचा है। कहा गया है कि नियम-कानून दरकिनार करके उद्योगपतियों को संस्थापक सदस्य बनाया गया। आनंद अग्रवाल, परमेश्वर प्रसाद, अजीत सरिया, कैलाश प्रसाद केडिया सहित अन्य संस्थापक सदस्य नहीं हैं, फिर भी सूची में शामिल हैं। नियम है कि संस्थापक या पैर्ट्रन मेंबर अपनी मेंबरशिप ट्रांसफर या फिर नामिनेट कर सकता है। इसका उल्लंघन करते हुए पांचों लोगों को सूचीबद्ध कर दिया गया।

इस पर सहायक रजिस्ट्रार ने जवाब-तलब भी किया है। उद्योगपति ओम प्रकाश जालान का कहना है कि साधारण सदस्यों को सूचीबद्ध करने में भी मनमानी की गई। नियम है कि मृत्यु के बाद साधारण सदस्य के परिजनों को सूची में जगह नहीं दी जाएगी, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। साधारण सदस्य के निधन के बाद उनके सगे-संबंधियों को सूची में जगह दी गई।

 

अब पांच सदस्यीय कमेटी कर रही संचालन
चुनाव लटका और विवाद बढ़ा तो विकास भारती स्कूल के संचालन के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई। इसमें उद्योगपति अशोक जालान, पुष्पदंत जैन, इंदु प्रकाश शोरेवाला, अशोक मातनहेलिया और चंद्र प्रकाश खेतान को शामिल किया गया है।

फीस में छूट से कतराए, प्रधानाचार्य-प्रशासनिक अधिकारी के वेतन खूब बढ़ाए
विकास भारती स्कूल के संस्थापक सदस्य ओम प्रकाश जालान ने और भी कई गंभीर आरोप लगाए और मामला सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटी एवं चिट्स, एसएसपी गोरखपुर तक ले गए। उनका आरोप है कि शिक्षक व कर्मचारियों की नियुक्तियों में मनमानी की गई है। निर्माण कार्यों में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं।

ओम प्रकाश जालान ने सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटी एंड चिट्स को जो पत्र भेजा है, उसके मुताबिक, कोरोना संकट के बीच प्रधानाचार्य एके पांडेय व प्रशासनिक अधिकारी नितिन द्विवेदी के वेतन में वृद्धि की गई। प्रधानाचार्य का सालाना वेतन एक लाख है। चार साल के अंदर ही वेतन में ढाई गुना की बढ़ोतरी हुई है। यह तब किया गया, जब स्कूल की आय प्रभावित हुई थी। एक तरफ जहां पुरानी कार औने-पौने दाम पर बेची गई, वहीं, 18 लाख रुपये की नई खरीद ली गई। शिक्षक या फिर कर्मचारी के लिए इतनी महंगी गाड़ी खरीदना कहीं से उचित नहीं था। जब छात्र-छात्राओं के फीस में छूट देने की बात आई तो कोई प्रभावशाली कदम नहीं उठाया गया। कुछ समय के लिए ही फीस में 50 हजार रुपये की छूट दी गई थी।  

 

शिक्षिका की आत्महत्या की जांच जरूरी
संस्थापक सदस्य ने विकास भारती स्कूल परिसर में एक शिक्षिका की आत्महत्या का मामला भी उठाया है। उनका कहना है कि नवंबर 2021 में प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षिका परिसर में आई और एक आवास में आत्महत्या कर ली, लेकिन किसी तरह की जांच नहीं कराई गई। इस मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। परिसर में विद्यार्थी रहते हैं। असुरक्षा या फिर अराजकता का माहौल ठीक नहीं है।  

ये भी आरोप लगाए

  • सीमेंट के इस्तेमाल में मनमानी की गई है। जो सीमेंट निर्माण में इस्तेमाल हुआ, उसके ज्यादातर बोरों पर नॉट फॉर सेल लिखा था। यह बाजार दर से 20 से 25 फीसदी सस्ते दाम पर मिलते हैं।
  • विकास भारती स्कूल के नाम से एक और बैंक अकाउंट खोला गया है, जो ठीक नहीं है। नया बैंक अकाउंट खोलने का नियमानुसार कोई प्रस्ताव नहीं पास कराया गया है। स्कूल के नाम से पहले ही दो बैंक अकाउंट चलते हैं। लिहाजा, नया बैंक अकाउंट खोलना संदेह खड़ा कर रहा है।
  • संस्थापक सदस्य ने कार्यपालक अधिकारी को 26 जुलाई 2022 को जो पत्र लिखा है, उसमें कहा है कि विकास भारती स्कूल में 360 छात्र-छात्राएं पढ़ती हैं, लेकिन 130 ही उपस्थिति दर्ज करा सके हैं। इससे अनुशासन व शैक्षणिक माहौल ठीक न होने का संदेश जाता है। हालांकि, प्रधानाचार्य का कहना है कि इस वक्त सभी छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं।


प्रधानाचार्य का काम पठन-पाठन का माहौल और अनुशासन बनाए रखना है। यह काम बखूबी किया जा रहा है। नियुक्ति व वेतन बढ़ोतरी का काम प्रबंधतंत्र का होता है। -एके पांडेय, प्रधानाचार्य विकास भारती स्कूल

मार्च में गठित पांच सदस्यीय कमेटी छह महीने के अंदर ही चुनाव कराएगी। सितंबर में ही चुनाव होंगे। जल्द ही चुनाव की तारीख तय कर दी जाएगी। - अशोक जालान, अध्यक्ष स्कूल संचालन समिति

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