फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Consumers facing brunt of firm mistakes in electricity bill

गोरखपुर का हाल: बिजली बिल में फर्म की गलतियों का खामियाजा भुगत रहे उपभोक्ता

Sat, 03 Sep 2022 04:40 PM IST
vivek shukla रोहित सिंह, गोरखपुर।
रोहित सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 03 Sep 2022 04:40 PM IST
सार

 बिजली निगम ने बिजली बिल निकालने का जिम्मा क्वैश क्रॉप बिलिंग एजेंसी को दिया है। फर्म और मीटर रीडरों की लापरवाही उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है।  उपभोक्ताओं को जितने रुपये का बिजली बिल का मैसेज या दफ्तर आने पर मिलता है, वे उसे जमा कर देते हैं।

विज्ञापन
Consumers facing brunt of firm mistakes in electricity bill
electricity bill - फोटो : iStock

विस्तार

बिजली का बिल निकालने वाली फर्म की लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। फर्म की ओर से तैनात मीटर रीडर तय तिथि तक उपभोक्ता के घर नहीं पहुंचते तो अनुमान से बिजली का बिल निकाल दिया जाता है। ऐसे में बिजली निगम के कर्मचारी स्थलीय सत्यापन के लिए जाते हैं तो उन्हें रीडिंग में काफी अंतर मिलता है।

विज्ञापन


 बिजली निगम ने बिजली बिल निकालने का जिम्मा क्वैश क्रॉप बिलिंग एजेंसी को दिया है। फर्म और मीटर रीडरों की लापरवाही उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है।  उपभोक्ताओं को जितने रुपये का बिजली बिल का मैसेज या दफ्तर आने पर मिलता है, वे उसे जमा कर देते हैं।
विज्ञापन


लेकिन, स्थलीय सत्यापन में अधिक मीटर रीडिंग स्टोर मिलने से उपभोक्ताओं को एक साथ ज्यादा रकम तो चुकानी ही पड़ती है, दर के स्लैब में मिलने वाली छूट का फायदा भी नहीं मिल पाता। उपभोक्ताओं ने बिजली निगम से मांग की है कि बिल बनाने में मीटर रीडर या फर्म की गलती पर अतिरिक्त धनराशि को संबंधित फर्म से ही जमा करवाया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

दो मीटर रीडरों पर हो चुकी है कार्रवाई
बिजली निगम गलत बिजली बिल निकालने वाले दो मीटर रीडरों की सेवा समाप्त कर चुका है। सहारा इस्टेट के बाद बक्शीपुर खंड में गलत बिजली बिल निकाला गया था।

मुख्य अभियंता एके सिंह ने कहा कि समय से सही बिजली बिल उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की जिम्मेदारी बिलिंग एजेंसी की है। लापरवाही पर फर्म के भुगतान से कटौती भी की जाती है फिर भी सुधार नहीं हो रहा है। अब एमडी स्तर पर शिकायत की जाएगी।  

केस 1
सहारा इस्टेट में कलावती देवी के परिसर में घरेलू कनेक्शन है । बिलिंग फर्म ने उपभोक्ता के पास 17 अगस्त को 12,555 हजार यूनिट का बिजली बिल भेजा। उधर, बिजली निगम की टीम ने 23 अगस्त को परिसर जाकर परीक्षण किया तो मीटर में 20, 862 हजार यूनिट दर्ज था। फिर नया बिल भेजा गया। इस तरह 8,307 हजार यूनिट के लिए 58,149 हजार रुपये अतिरिक्त बिल इस महीने कमलावती को देना होगा।  

केस 2
बक्शीपुर में श्रीराम त्रिपाठी के परिसर में लगे मीटर से बिलिंग एजेंसी के मीटर रीडर ने बिल बनाया। 17 अगस्त को 3,185 हजार यूनिट खपत के हिसाब से बिल बनाया गया। 25 अगस्त को बिजली निगम की टीम उपभोक्ता के घर जाकर मीटर रीडिंग देखी तो रीडिंग 15,025 हजार थी। श्रीराम त्रिपाठी को अब  11,840 हजार यूनिट रीडिंग के हिसाब से इस महीने 82,880 हजार रुपये का बिजली बिल देना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed