{"_id":"5f159d96a8781c44ab02430c","slug":"congress-state-president-ajay-kumar-lallu-comment-on-up-irrigation-minister","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सिंचाई मंत्री के बयान पर किया पलटवार, कहा- 'उड़न खटोले से लोगों का दुख नहीं जान सकती सरकार'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सिंचाई मंत्री के बयान पर किया पलटवार, कहा- 'उड़न खटोले से लोगों का दुख नहीं जान सकती सरकार'
Mon, 20 Jul 2020 07:05 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 20 Jul 2020 07:05 PM IST
सार
- सिंचाई मंत्री के बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष लल्लू का पलटवार
- बोले- सरकार अपनी विफलता छिपाने के लिए दोषारोपण का काम करती है
विज्ञापन
अजय कुमार लल्लू
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाल ही में गोरखपुर मंडल के दौरे पर आए सिंचाई मंत्री डॉ महेंद्र सिंह द्वारा कुशीनगर के अमवा खास बंधे को लेकर दिए बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि भाजपा सरकार अपनी विफलता छिपाने के लिए दोषारोपण करने का काम करती है। केवल उड़न खटोले पर सवार होकर लोगों का दु:ख दर्द नहीं समझा जा सकता है। बाढ़ पीड़ितों की तकलीफो को समझना है तो उड़न खटोले पर से जमीन पर उतरना होगा। पानी में घुसकर उनसे संवाद करने होंगे और उनके दु:ख का साथी बनना होगा।
विज्ञापन
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सोमवार को पार्टी के ही मानीराम विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रह चुके हरिद्वार पांडेय का कुशल क्षेम पूछने उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने, उन्हें भरोसा दिलाया कि वह घर के सदस्य है। पार्टी उनके हर सुख-दु:ख में साथ है। पार्टी अपने खर्च पर उनका घर बनवाएगी।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें- 30 रुपये नहीं देने पर मासूम से खिंचवाया स्ट्रेचर, वीडियो हुआ वायरल
विज्ञापन
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में अमवा खास बंधे को लेकर सिंचाई मंत्री के आरोपों पर उन्होंने कहा कि पूरा क्षेत्र जानता है कि अगर उनके नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता और गांव के लोग धरना नहीं देते तो बंधे के लिए एक रुपये नहीं मिलता। कहा कि सरकार बताए कि पिछले तीन सालों में उसने कितने रुपये दिए हैं। 20 से 22 टोले बाढ़ में विलीन हो गए। वहां के लोग बंधे पर गुजर बसर कर रहे हैं जिसके लिए सिर्फ प्रदेश की भाजपा सरकार जिम्मेदार है।
बारिश में गिर गया पूर्व विधायक के खपरैल का आधा घर
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पिछले साल भी सिंचाई मंत्री आए थे और सिर्फ दूर से देखकर चले गए। इस बार आए तो हवाई सर्वेक्षण कर चले गए। वस्तुस्थिति जानना ही नहीं चाहा। अगर सरकार काम करा रही है तो हालात बिगड़ते कैसे जा रहे हैं। पिछले साल 36 बंधे अति संवेदनशील थे जबकि इस बार इनकी संख्या 76 हो गई। पूरे मंडल के बंधों की हालत खराब है।
वर्ष 1980 से 1985 तक मानीराम विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हरिद्वार पांडेय के खपरैल के घर का आधे से अधिक हिस्सा 12 जुलाई की रात हुई बारिश में गिर गया। तब से बहू और चार पोते-पोतियों के साथ उनका पूरा परिवार बरामदे में रहने को मजबूर हैं। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने उनसे मुलाकात कर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 95 हजार रुपये देने का भरोसा दिलाया है।
सोमवार के कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी उनका हाल जानने पहुंचे। कुशल क्षेम जानने के साथ ही उन्होंने पूर्व विधायक को भरोसा दिलाया कि उनका घर पार्टी अपने खर्च पर बनवाएगी। तब तक के लिए उनके रहने का वैकल्पिक इंतजाम भी किया जाएगा। हालांकि डीएम ने भी रहने के लिए वैकल्पिक इंतजाम का प्रस्ताव दिया था मगर पूर्व विधायक ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह गांव नहीं छोड़ेंगे।
वर्ष 1980 से 1985 तक मानीराम विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हरिद्वार पांडेय के खपरैल के घर का आधे से अधिक हिस्सा 12 जुलाई की रात हुई बारिश में गिर गया। तब से बहू और चार पोते-पोतियों के साथ उनका पूरा परिवार बरामदे में रहने को मजबूर हैं। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने उनसे मुलाकात कर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 95 हजार रुपये देने का भरोसा दिलाया है।
सोमवार के कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी उनका हाल जानने पहुंचे। कुशल क्षेम जानने के साथ ही उन्होंने पूर्व विधायक को भरोसा दिलाया कि उनका घर पार्टी अपने खर्च पर बनवाएगी। तब तक के लिए उनके रहने का वैकल्पिक इंतजाम भी किया जाएगा। हालांकि डीएम ने भी रहने के लिए वैकल्पिक इंतजाम का प्रस्ताव दिया था मगर पूर्व विधायक ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह गांव नहीं छोड़ेंगे।