{"_id":"6074116c8ebc3e8d04729e04","slug":"composite-school-of-jatepur-gorakhpur-miscreants-throw-liquor-bottle","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: नशेड़ियों ने बढ़ाई शिक्षिकाओं और बच्चों की मुश्किलें, शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: नशेड़ियों ने बढ़ाई शिक्षिकाओं और बच्चों की मुश्किलें, शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं
Mon, 12 Apr 2021 02:52 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 12 Apr 2021 02:52 PM IST
सार
- कंपोजिट विद्यालय जटेपुर उत्तरी के बरामदे को नशेड़ियों ने बनाया मयखाने का अड्डा
- आए दिन पीकर फेंक जा रहे शराब की बोतलें, शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं
विज्ञापन
कंपोजिट विद्यालय जटेपुर उत्तरी से कुछ दूरी पर (लाल घेरे में) मौजूद शराब की दुकान।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर के कंपोजिट विद्यालय जटेपुर उत्तरी की शिक्षिकाओं और बच्चों की मुश्किलें वहां आए दिन आने वाले नशेड़ियों ने बढ़ा दी है। मनमानी करते हुए नशेड़ी विद्यालय के बरामदे में शराब पीकर बोतलें और नमकीन के पैकेट फेंक जा रहे हैं। शिक्षिकाओं ने कई बार बेसिक शिक्षा विभाग में इसकी शिकायत की, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
विद्यालय से 20-30 मीटर की दूरी पर मौजूद शराब की दुकान परेशानी का मुख्य कारण है। नियम के मुताबिक किसी विद्यालय से सटे 500 मीटर के इलाके में शराब की दुकान न होने का स्पष्ट प्रावधान है, मगर शहर से सटे इस इलाके में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिससे वहां अध्ययन करने वाले बच्चों के साथ विद्यालय पर तैनात शिक्षिकाओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
प्रधानाध्यापिका गीता ओझा ने बताया कि विरोध करने पर नशेड़ी आए दिन शिक्षकों से मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। रोजाना स्कूल आने के बाद शिक्षिकाओं को वहां से शराब की बोतलों को एकत्र कर फेंकना पड़ता है। कई बार तो नशेड़ी वहां सोए रहते हैं तो उन्हें वहां से उठाकर भेजना पड़ता है। एक ऐसा विद्यालय जहां नामांकित विद्यार्थियों की संख्या 190 से अधिक है। वहां के बच्चों पर इन बातों का क्या असर होगा इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विद्यालय से 20-30 मीटर की दूरी पर मौजूद शराब की दुकान परेशानी का मुख्य कारण है। नियम के मुताबिक किसी विद्यालय से सटे 500 मीटर के इलाके में शराब की दुकान न होने का स्पष्ट प्रावधान है, मगर शहर से सटे इस इलाके में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिससे वहां अध्ययन करने वाले बच्चों के साथ विद्यालय पर तैनात शिक्षिकाओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
विज्ञापन
प्रधानाध्यापिका गीता ओझा ने बताया कि विरोध करने पर नशेड़ी आए दिन शिक्षकों से मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। रोजाना स्कूल आने के बाद शिक्षिकाओं को वहां से शराब की बोतलों को एकत्र कर फेंकना पड़ता है। कई बार तो नशेड़ी वहां सोए रहते हैं तो उन्हें वहां से उठाकर भेजना पड़ता है। एक ऐसा विद्यालय जहां नामांकित विद्यार्थियों की संख्या 190 से अधिक है। वहां के बच्चों पर इन बातों का क्या असर होगा इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं हैं।
विज्ञापन
फोरलेन के निर्माण के दौरान तोड़ी गई बाउंड्री
विद्यालय पर तैनात शिक्षकों ने बताया कि गोरखनाथ से धर्मशाला रोड के चौड़ीकरण के दौरान स्कूल की बाउंड्री को तोड़ी गई है। बाउंड्री न होने से रात में शराब पीकर सोने के साथ ही नशेड़ी रोजाना विद्यालय के शौचालय को भी गंदा कर जा रहे हैं। बाउंड्री रहने पर दबंग उस पर बैठकर पीते हैं। कई बार तो नशे में धुत होकर विद्यालय के अंदर गिर जाते हैं तो पुलिस को बुलाकर उन्हें हटाना पड़ता है।
ये हैं नियम
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि स्कूल के समीप शराब की दुकान को लेकर आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर समस्याओं से अवगत कराने के साथ ही हटाने की मांग की गई है। सड़क चौड़ीकरण की वजह से बाउंड्री टूटने से ज्यादा परेशानी हो रही है। निर्माण कार्य शुरू कराया गया है।
ये हैं नियम
- स्कूल के 50 मीटर की दूरी पर शराब की दुकानें नहीं खुलनी चाहिए
- धार्मिक स्थलों के आसपास शराब की दुकानें नहीं होनी चाहिए
- दुकान पर खड़े या बैठकर पीना मना है।
- आवासीय क्षेत्र के 50 मीटर के दायरे में दुकानें नहीं होनी चाहिए।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि स्कूल के समीप शराब की दुकान को लेकर आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर समस्याओं से अवगत कराने के साथ ही हटाने की मांग की गई है। सड़क चौड़ीकरण की वजह से बाउंड्री टूटने से ज्यादा परेशानी हो रही है। निर्माण कार्य शुरू कराया गया है।