फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Commissioner and GDA President Ravi Kumar NG took strict action on engineers regarding map in Gorakhpur

गोरखपुर: कमिश्नर ने जीडीए के सभी अभियंताओं को चेताया, कहा- इमारत बनने के बाद नहीं, नींव पड़ते ही जांचे मानचित्र

Thu, 24 Jun 2021 09:14 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 24 Jun 2021 09:14 AM IST
सार

कमिश्नर ने कहा- अपने क्षेत्र में निरंतर करते रहें भ्रमण। कालोनियों में मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कामों की 15 दिन में रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया।

विज्ञापन
Commissioner and GDA President Ravi Kumar NG took strict action on engineers regarding map in Gorakhpur
कमिश्नर रवि कुमार एनजी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कमिश्नर व गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अध्यक्ष रवि कुमार एनजी ने मानचित्र को लेकर अभियंताओं की तरफ से की जाने वाली लापरवाही पर रोक लगाने के लिए सख्ती की है। उन्होंने बुधवार को प्राधिकरण के कामों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने दो टूक शब्दों में चेताया कि मानचित्र की जांच इमारत खड़ी हो जाने के बाद नहीं, बल्कि नींव पड़ने पर ही कर लें। बिना मानचित्र स्वीकृति के कोई इमारत तैयार हो गई तो उसके लिए संबंधित अभियंता की जवाबदेही तय की जाएगी।
विज्ञापन


बता दें कि पिछले साल ही प्रदेश के सभी प्राधिकरणों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मानचित्र को लेकर अभियंताओं की मनमानी और धनउगाही पर कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने भी कहा था कि जब इमारत बनती है तो अभियंता कोई कार्रवाई नहीं करते और जैसे ही निर्माण पूरा होता है, नोटिस आदि भेजने का सिलसिला शुरू हो जाता है।
विज्ञापन


गोरखपुर प्राधिकरण में भी मानचित्र से जुड़ी सबसे ज्यादा शिकायतें रहती हैं। मुख्यमंत्री की चेतावनी के बाद भी अभियंताओं की कार्यप्रणाली में बहुत बदलाव नहीं देखने को मिल रहा है। बिना मानचित्र स्वीकृति के खड़ी पूरी इमारतों को छोड़ मानचित्र में थोड़ी अनदेखी करने वालों को नोटिस थमा दिया जाता है। ज्यादातर निर्माण कार्य जब छत तक पहुंच जाता है तो अभियंता पूछताछ करने पहुंचते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने इस खेल को भांपकर बुधवार को अभियंताओं को हिदायत दी कि वे अपने-अपने क्षेत्र में रहें और निर्माण कार्य शुरू होते ही जांच करें कि संबंधित ने मानचित्र स्वीकृत कराया है या नहीं।  इसी तरह कमिश्नर ने निर्देश दिया कि प्राधिकरण की कालोनियों में अधूरे पड़े जनहित वाले कामों की 15 दिन में रिपोर्ट तैयार कर उन्हें उपलब्ध कराई जाए। बैठक के दौरान उपाध्यक्ष आशीष कुमार, सचिव राम सिंह गौतम, मुख्य अभियंता पीपी सिंह आदि मौजूद रहे।  

पीएम आवास का निर्माण कार्य तेज करने का निर्देश

कमिश्नर ने मानबेला में निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की भी समीक्षा की और काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। प्राधिकरण द्वारा बताया गया कि शासन के गाइड लाइंस के अनुसार सड़क/एप्रोच रोड का निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग, वाह्य ड्रेन का निर्माण कार्य नगर निगम, जलापूर्ति/ओवर हेड टैंक का कार्य  जल निगम एवं वाह्य विद्युतीकरण का कार्य पावर कॉर्पोरेशन द्वारा किया जाना है।

लोक निर्माण विभाग द्वारा वाह्य सड़क/एप्रोच मार्ग का कार्य कराया जा रहा है। नगर निगम, जल निगम एवं पावर कार्पोरेशन का प्रस्ताव शासन स्तर से स्वीकृति प्राप्त न होने की वजह से शुरू नहीं हो सका है। इसपर 9.97 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। उपाध्यक्ष आशीष कुमार ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा उक्त धनराशि शासन के अवस्थापना निधि से कराए जाने के लिए शासन को अनुरोध पत्र भेजा गया है। जल्द ही शासन में बात कर इसका समाधान करा लिया जाएगा। इसी तरह कमिश्नर ने मल्टीलेवल पार्किंग की समीक्षा के दौरान भी काम में तेजी लाने को कहा।

नामांतरण के 30 मामले स्वीकृत
समीक्षा बैठक के दौरान प्राधिकरण के अफसरों ने बताया कि आवंटित संपत्तियों के नामांतरण के लगभग 34 मामलों में पांच जून 2021 के बाद अब तक 30 में नामांतरण की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। बता दें कि कमिश्नर ने यहां पदभार संभालते ही नामांतरण के मामलों में सख्ती दिखाई थी। उन्होंने 15 दिन के भीतर सभी लंबित मामलों के निस्तारण का निर्देश दिया था।  

बैठक में उन्होंने प्राधिकरण की कॉलोनियों में अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को चिह्नित कर 15 दिन में रिपोर्ट मांगी, ताकि मानसून समाप्त होते ही युद्ध स्तर पर इन कार्यों को पूर्ण कराया जा सके। बैठक में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के कारण स्टाफ की कमी के संबंध में भी चर्चा की गयी। कमिश्नर ने उपाध्यक्ष, जीडीए को निर्देशित किया गया कि वे प्राधिकरण में स्वीकृत पदों के सापेक्ष जितने स्टाफ की कमी है, उनका मांग पत्र तैयार कर शासन को प्रेषित करें, जिससे कि समय से स्टाफ की पूर्ति की जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed