{"_id":"5f6e4c618ebc3e9bfc4f6620","slug":"commisnor-covid-19-gorakhpur-city-news-gkp3669461159","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोराना जांच कम हुई तो घटने लगे मरीज, सैंपल कलेक्शन में कमी पर चार एमओआईसी से जवाब तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोराना जांच कम हुई तो घटने लगे मरीज, सैंपल कलेक्शन में कमी पर चार एमओआईसी से जवाब तलब
Sat, 26 Sep 2020 10:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2020 10:45 AM IST
विज्ञापन
कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर जिले में हाल के दिनों में कोविड-19 की जांच में आई कमी पर कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सबसे कम जांच करने वाले स्वास्थ्य केंद्रों बांसगांव, बेलघाट, डेरवा और जंगल कौड़िया के एमओआईसी से स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
कमिश्नर ने निर्देश दिया है कि जिस भी सीएचसी या पीएचसी पर रोजाना 100 से कम जांच हो, वहां के लैब टेक्नीशियन का वेतन रोकते हुए उसे जवाब तलब किया जाए। स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
कमिश्नर शुक्रवार को एनेक्सी सभागार में कोविड-19 की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने मृत्यु दर कम करने तथा टेस्टिंग बढ़ाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने के लिए सर्वे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर महीने कम से कम 20 दिन अनिवार्य तौर पर डोर टू डोर सर्वे कराए जाएं। इसके लिए माइक्रो प्लान बनाकर कार्य किया जाए।
विज्ञापन
कमिश्नर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिया कि रेन्डम चेकिंग कर देखें कि पॉजीटिव मरीज जो होेम आइसोलेट हैं, उन्हें समय पर दवाइयां मिल रही हैं कि नहीं। उन्होंने एमओआईसी को निर्देशित किया कि उन्हें कार्य संपादन में यदि कहीं कोई कठिनाई आ रही है तो अपने एसडीएम से संपर्क करें, ताकि उसका निराकरण कराया जा सके।
कमिश्नर ने कहा कि यदि कही भी डाटा एंट्री आपरेटर की कमी हो तो संज्ञान में लाएं, ताकि उसकी व्यवस्था की जा सके। मगर सही व समय पर डाटा एंट्री होनी चाहिए। इस दौरान प्रभारी डीएम व सीडीओ इंद्रजीत सिंह, अपर आयुक्त प्रशासन अजयकांत सैनी, सभी एसडीएम, एडी हेल्थ, सीएमओ, सीएचसी-पीएचसी प्रभारी आदि मौजूद रहे।
कांटेक्ट ट्रेसिंग पर भी जोर
कमिश्नर ने कांटेक्ट ट्रेसिंग अधिक से अधिक कराने एवं उसकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी की सैंपलिंग होनी चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी कंटेनमेंट जोन में होमगार्ड की ड्यूटी 8-8 घंटे के लिए लगाई जाए। उन्होंने प्राइवेट अस्पतालों के चिकित्सकों से कहा कि वे अपना दायित्व निभाएं। एमओआइसी एवं एसडीएम आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें, ताकि कोरोना की जंग को जीता जा सके। सभी को संवेदनशील होकर निष्ठा, लगन एवं ईमानदारी के साथ कार्य करना होगा। कमिश्नर ने जेई/एईएस के रोकथाम व जगरूकता कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की।