सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर और जीएम यूपीआरएनएन का वेतन रोका, इस वजह से कमिश्नर ने की कार्रवाई
- इंसेफेलाइटिस टास्क फोर्स की बैठक से गायब मिलने पर कमिश्नर ने की कार्रवाई
- सीएमओ को कोरोना संदिग्धों के नमूने शाम सात बजे तक मेडिकल कॉलेज भेजने का निर्देश
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इंसेफेलाइटिस टॉस्क फोर्स की बैठक से अनुपस्थित जल निगम की कार्यदायी संस्था सीएनडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) के प्रोजेक्ट मैनेजर तथा यूपीआरएनएन (उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम) के जीएम का कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने एक दिन का वेतन रोक दिया। साथ ही उनसे भी जवाब भी तलब किया है। बैठक के दौरान उन्होंने कोरोना संक्रमण से बचाव एवं इलाज की भी समीक्षा की।
कमिश्नर ने निर्देश दिए कि सभी एंबुलेंस सक्रिय रहें और तय समय पर पहुंचकर मरीजों को अस्पताल पहुंचाए। यदि मंडल के किसी जनपद में एंबुलेंस खराब हो तो उसे तत्काल प्रभाव से ठीक कराया जाए। सभी सीएमओ को निर्देश दिया कि कोरोना संदिग्धों के नमूने हर हाल में शाम सात बजे तक मेडिकल कॉलेज को उपलब्ध करा दिए जाएं। कार्यालयों, पेंशनरों, सब्जी वालों, रेलवे और रोडवेज कर्मचारियों तथा यात्रियों के कम से कम पांच-पांच सैंपल लिए जाएं।
कमिश्नर ने गोरखपुर में एक हजार तथा देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज में 500-500 बेड की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी पर बल देते हुए, कहा कि मरीजों का पूरा ख्याल रखा जाए और अस्पतालों में चिकित्सकों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, साफ सफाई आदि की समुचित व्यवस्था हो।
उन्होंने कहा कि इंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए 15 जुलाई तक सभी तालाबों में गंबूसिया मछली डाल दी जाए। स्कूल खुलने पर बच्चों को इस बीमारी से बचाव के तरीके बताएं और स्कूलों के नोडल अध्यापकों का विकास खंडवार, 20 जुलाई तक प्रशिक्षण कराया जाए। कहा कि इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर ( ईटीसी) को पूरी तरह क्रियाशील रखा जाए।
सभी जिलों में स्थायी कोविड सेंटर बनेंगे
बैठक के दौरान कमिश्नर ने कहा कि प्रत्येक जनपद में स्थायी कोविड सेन्टर स्थापित किया जाना है। इसके लिए जल्द से जल्द भूमि चिह्नित कर ली जाए। वहीं सीएचसी/पीएचसी के निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिपरौली, चरगावां, खजनी में अभी तक शत प्रतिशत निर्माण पूरा नही हुआ है, जबकि दो साल पहले ही पूरी धनराशि कार्यदायी संस्था को अवमुक्त की जा चुकी है।
कमिश्नर ने इस पर कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए 15 जुलाई तक शत प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण कर लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी संस्था से कहा कि जो भी ठेकेदार काम में लापरवाही करे, उसे ब्लैकलिस्ट करते हुए कार्रवाई की जाए। बैठक में एडी हेल्थ, प्राचार्य मेडिकल कालेज, समस्त सीएमओ, सीएमएस, जेडीसी एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी गण उपस्थित रहे।