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सीएम योगी ने लोककल्याण के लिए गोरखनाथ मंदिर में किया रुद्राभिषेक, विश्व कल्याण के लिए मांगी मन्नत
Sat, 23 May 2020 01:56 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 23 May 2020 01:56 PM IST
सार
- कोरोना महामारी से निजात पाने और विश्व कल्याण के लिए CM योगी ने किया रुद्राभिषेक
- मंदिर परिसर का भ्रमण कर देखी साफ सफाई की व्यवस्था
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रुद्राभिषेक करते सीएम योगी।(file)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार की सुबह शक्ति मंदिर में श्रद्धा एवं विधि विधान के साथ रुद्राभिषेक किया। इस दौरान उन्होंने देवाधिदेव भगवान शिव से कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहे संपूर्ण विश्व के कल्याण, उद्धार, समृद्धि एवं शांति के लिए प्रार्थना की।
शनिवार को तड़के स्नान-ध्यान के बाद वह मठ से निकले। गुरु गोरखनाथ एवं अखण्ड ज्योति का पूजन कर दर्शन किया। उसके बाद ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ की समाधि पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान करीब 30 मिनट का समय उन्होंने गौशाला में बिताया।
गायों और उनके बच्चों को दुलारा। उनको गुड़ और चारा खिलाया। कर्मचरियों को गौशाला की बेहतर साफ-सफाई का निर्देश दिया। ऐसे में दो महीने बाद अपने मालिक को पाकर कालू की खुशी देखने लायक थी।
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शनिवार को तड़के स्नान-ध्यान के बाद वह मठ से निकले। गुरु गोरखनाथ एवं अखण्ड ज्योति का पूजन कर दर्शन किया। उसके बाद ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ की समाधि पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान करीब 30 मिनट का समय उन्होंने गौशाला में बिताया।
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गायों और उनके बच्चों को दुलारा। उनको गुड़ और चारा खिलाया। कर्मचरियों को गौशाला की बेहतर साफ-सफाई का निर्देश दिया। ऐसे में दो महीने बाद अपने मालिक को पाकर कालू की खुशी देखने लायक थी।
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राजधर्म के लिए पहली बार दो महीने अपने मठ से दूर रहे गोरक्षपीठाधीश्वर
बता दें कि मुख्यमंत्री दो माह बाद शुक्रवार को दोपहर बाद गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर पहुंचे थे। गोरक्षपीठाधीश्वर का दायित्व संभालने के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि वह लगातार दो महीने अपनी पीठ (गोरक्षनाथ), मठ और अपनों से दूर रहे। इसके पहले अपने पूज्य गुरु ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ के इलाज और बतौर सांसद एक-दो विदेश प्रवास के दौरान ही ऐसा हुआ। पर यह अंतराल तीन से चार हफ्तों का ही रहा होगा।
ये रहता था योगी का रूटीन
संसद के सत्रों में सीएम योगी रूटीन में हर रविवार को अधिकांश ट्रेन के जरिए दिल्ली जाते थे और सप्ताह में गोरखपुर लौट आते थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी नियमित अंतराल पर उनका गोरखपुर आना-जाना होता रहा है।
अपने पिता के अंतिम संस्कार में न जाकर योगी ने कायम की नजीर
अपने पिता की अंत्येष्टि में न जाकर उन्होंने बताया कि राजधर्म क्या होता है? एक बड़े परिवार का मुखिया होने का क्या मतलब होता है?
ये रहता था योगी का रूटीन
संसद के सत्रों में सीएम योगी रूटीन में हर रविवार को अधिकांश ट्रेन के जरिए दिल्ली जाते थे और सप्ताह में गोरखपुर लौट आते थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी नियमित अंतराल पर उनका गोरखपुर आना-जाना होता रहा है।
अपने पिता के अंतिम संस्कार में न जाकर योगी ने कायम की नजीर
अपने पिता की अंत्येष्टि में न जाकर उन्होंने बताया कि राजधर्म क्या होता है? एक बड़े परिवार का मुखिया होने का क्या मतलब होता है?
देर रात अधिकारियों और संस्थाओं के प्रमुखों के साथ की बैठक
22 मार्च के बाद 22 मई को दोपहर बाद सीएम योगी अचानक गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सोशल डिस्टेसिंग के मानकों का पूरी तरह अनुपालन किया। सीएम योगी के आने पर अक्सर जो बाहर के जो लोग उनके इर्द-गिर्द होते थे। वह भी नहीं आए।
आते ही उन्होंने तुरंत कोरोना के संक्रमण से बचाव, संक्रमित लोगों के इलाज, प्रवासी मजदूरों की वापसी, दक्षता के अनुसार उनको दिये जाने वाले रोजगार, कम्यूनिटी किचन, क्वारंटीन केंद्रों की व्यवस्था, प्रवासी श्रमिकों और लॉकडाउन से प्रभावित लोगों के लिए दिए जाने वाले भरण-पोषण (1000 रुपये) राशन, नये राशन कार्डों की प्रगति आदि के बारे में संबंधित अधिकारियों से चर्चा की और जरूरी निर्देश भी दिए।
यहां चल रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की। साथ ही महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद और गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक की। उनसे लॉकडाउन के बीच विद्यालयों में शिक्षण कार्यो एवं चिकित्सालयों में मरीजों की देखभाल की जानकारी ली। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की प्रगति के बारे में भी जाना। बारी-बारी देर रात तक इन बैठकों का सिलसिला जारी रहा।
आते ही उन्होंने तुरंत कोरोना के संक्रमण से बचाव, संक्रमित लोगों के इलाज, प्रवासी मजदूरों की वापसी, दक्षता के अनुसार उनको दिये जाने वाले रोजगार, कम्यूनिटी किचन, क्वारंटीन केंद्रों की व्यवस्था, प्रवासी श्रमिकों और लॉकडाउन से प्रभावित लोगों के लिए दिए जाने वाले भरण-पोषण (1000 रुपये) राशन, नये राशन कार्डों की प्रगति आदि के बारे में संबंधित अधिकारियों से चर्चा की और जरूरी निर्देश भी दिए।
यहां चल रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की। साथ ही महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद और गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक की। उनसे लॉकडाउन के बीच विद्यालयों में शिक्षण कार्यो एवं चिकित्सालयों में मरीजों की देखभाल की जानकारी ली। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की प्रगति के बारे में भी जाना। बारी-बारी देर रात तक इन बैठकों का सिलसिला जारी रहा।