गोरखपुर फर्टिलाइजर की इस जमीन पर खुलेगा सिपेट सेंटर, पूर्वांचल के 200 विद्यार्थी यहां कर सकेंगे पढ़ाई
- पूर्वांचल के 200 विद्यार्थी शहर में ही कर सकेंगे पेट्रो व प्लास्टिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई
- सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी सेंटर को जल्द ट्रांसफर होगी जमीन
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सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी सेंटर (सिपेट) सेंटर के लिए जिला प्रशासन ने खाद कारखाना की जमीन को मुफीद माना है। जल्द ही जमीन सिपेट के नाम स्थानांतरित हो जाने की उम्मीद है। सिपेट ने गोरखपुर में अपना सेंटर खोलने के लिए जिला प्रशासन से 10 एकड़ जमीन की मांग की थी।
केंद्र के सहयोग से चलने वाले सिपेट के गोरखपुर में खुल जाने से पूर्वांचल के विद्यार्थियों को डिप्लोमा इन प्लास्टिक टेक्नोलॉजी, डिप्लोमा इन प्लास्टिक मोल्ड टेक्नोलॉजी और डिप्लोमा इन पेट्रोकेमिकल्स आदि की पढ़ाई के लिए दिल्ली, बंगलूरू, मुंबई आदि शहरों की तरफ नहीं जाना पड़ेगा। करीब 200 विद्यार्थी इन पाठ्यक्रमों में पढ़ाई कर सकेंगे।
सिपेट का काम
सिपेट संस्था विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग कराने के साथ ही साथ बेरोजगारों, अकुशल मजदूरों को रिसाइकिल प्लास्टिक वेस्ट से प्लास्टिक की कुर्सी, मेज, मग, गिलास, बोतले बनाने का प्रशिक्षण भी देती है। इसके अलावा जो लोग खुद का छोटा प्लांट डालना चाहते हैं उनकी भी यह संस्था मदद करती है।
डीएम के. विजयेन्द्र पांडियन ने बताया कि गोरखपुर में सेंटर खोलने के लिए सिपेट को 10 एकड़ जमीन दी जानी है। जमीन चिहिन्त कर ली गई है। जल्द ही इसके हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इंस्टीट्यूट खुलने से गोरखपुर ही नहीं बल्कि आस-पास के जिलों के भी विद्यार्थी प्लास्टिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स कर सकेंगे। जरूरतमंदों को अल्पकालीन रोजगार परक प्रशिक्षण भी मिलेगा।