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निर्धारित समय से पूरा होगा राम मंदिर का निर्माण, कोई दूसरी बाधा नहीं: चंपत राय
Wed, 27 Jan 2021 06:35 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 27 Jan 2021 06:35 PM IST
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सीएम योगी आदित्यनाथ व चंपत राय।
- फोटो : अमर उजाला।
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण 36 से 39 महीने में पूरा हो जाएगा। आईआईटी के वैज्ञानिकों व इंजीनियरों की देखरेख में मलबा हटाने का काम चल रहा है। पूरा क्षेत्र मलबे से पटा है। कोई दूसरी बाधा नहीं है।
श्रीराम जन्मभूमि निधि समर्पण अभियान के सिलसिले में ट्रस्ट के महासचिव बुधवार को गोरखपुर आए और गोरखनाथ मंदिर जाकर दर्शन-पूजन किया। गोरखनाथ मंदिर परिसर में ही महासचिव चंपत राय ने मीडिया कर्मियों से बात की है।
चंपत राय ने कहा कि जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण में किसी तरह की बाधा नहीं है। आईआईटी के वैज्ञानिकों व इंजीनियरों ने अध्ययन किया है। इससे पता चला कि 400 फुट लंबे, 150 मीटर चौड़े और 12 मीटर की गहराई तक मलबा है। इसे हटाने के साथ ही नींव की संरचना की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि निर्धारित समय से मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा। यह राष्ट्र मंदिर है। लिहाजा, देशवासी बढ़-चढ़कर योगदान कर रहे हैं। देश की पांच लाख ग्राम पंचायतों, शहर के वार्ड, कस्बा व मोहल्लों से लोग आगे आ रहे हैं। ऐसा लगता है कि देश की आधी आबादी मंदिर निर्माण से जुड़ेगी।
कहा कि जन्मभूमि पर बनने वाले मंदिर के लिए देशवासी स्वेच्छा से समर्पण कर रहे हैं। यह अभियान मकरसंक्रांति से शुरू हुआ, जो रविदास जयंती तक चलता रहेगा। कार्यकर्ता हर घर पर दस्तक देंगे और स्वेच्छा से निधि समर्पण का अनुरोध करेंगे।
महासचिव ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ का विशेष योगदान रहा है। 1984 से जो मुहिम शुरू हुई, वह उनके जीवनकाल के अंतिम चरणों तक चली। अब मंदिर अपना भव्य व वास्तविक रूप लेने जा रहा है। महंत दिग्विजयनाथ भी मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे। गोरखपुर आकर महंत अवेद्यनाथ को श्रद्धा सुमन अर्पित किया है।
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श्रीराम जन्मभूमि निधि समर्पण अभियान के सिलसिले में ट्रस्ट के महासचिव बुधवार को गोरखपुर आए और गोरखनाथ मंदिर जाकर दर्शन-पूजन किया। गोरखनाथ मंदिर परिसर में ही महासचिव चंपत राय ने मीडिया कर्मियों से बात की है।
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चंपत राय ने कहा कि जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण में किसी तरह की बाधा नहीं है। आईआईटी के वैज्ञानिकों व इंजीनियरों ने अध्ययन किया है। इससे पता चला कि 400 फुट लंबे, 150 मीटर चौड़े और 12 मीटर की गहराई तक मलबा है। इसे हटाने के साथ ही नींव की संरचना की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि निर्धारित समय से मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा। यह राष्ट्र मंदिर है। लिहाजा, देशवासी बढ़-चढ़कर योगदान कर रहे हैं। देश की पांच लाख ग्राम पंचायतों, शहर के वार्ड, कस्बा व मोहल्लों से लोग आगे आ रहे हैं। ऐसा लगता है कि देश की आधी आबादी मंदिर निर्माण से जुड़ेगी।
कहा कि जन्मभूमि पर बनने वाले मंदिर के लिए देशवासी स्वेच्छा से समर्पण कर रहे हैं। यह अभियान मकरसंक्रांति से शुरू हुआ, जो रविदास जयंती तक चलता रहेगा। कार्यकर्ता हर घर पर दस्तक देंगे और स्वेच्छा से निधि समर्पण का अनुरोध करेंगे।
महासचिव ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ का विशेष योगदान रहा है। 1984 से जो मुहिम शुरू हुई, वह उनके जीवनकाल के अंतिम चरणों तक चली। अब मंदिर अपना भव्य व वास्तविक रूप लेने जा रहा है। महंत दिग्विजयनाथ भी मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे। गोरखपुर आकर महंत अवेद्यनाथ को श्रद्धा सुमन अर्पित किया है।