खुशखबर: गोरखपुर में जल्द मिलेगी रोजगार की राह, युवाओं को इंजीनियर बनाएगी यह खास संस्था
- गोरखपुर में भी खुल सकता है सीपेट, 10 एकड़ जमीन मांगी
- जमीन तलाशने में जुटा प्रशासन, बेरोजगारों को कुशल बनाती है संस्था
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केंद्र सरकार के अधीन चलने वाला सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीपेट), गोरखपुर में भी अपना इंस्टीट्यूट खोल सकता है। इसके लिए जिला प्रशासन से 10 एकड़ जमीन की मांग भी की गई है।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन का कहना है कि जमीन तलाशी जा रही है। जल्द ही कुछ जमीनों का विकल्प भेजने के साथ ही जमीन ट्रांसफर करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। डीएम का कहना है कि इससे गोरखपुर ही नहीं इसके आस-पास के कामगार भी कुशल हो सकेंगे, जिनसे उनके सामने रोजगार के नए मार्ग खुलेंगे।
सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी गोरखपुर में इंस्टीट्यूट में श्रमिकों को कुशल बनाया जाएगा। यही नहीं सीपेट, कामगारों को छोटे प्लांट लगाने में भी मदद करेगी। यह संस्था इंजीनियर बनाने के साथ-साथ बेरोजगारों, अकुशल मजदूरों को दक्ष बनाती है।
सीपेट ऐसे लोगों को रिसाइकिल प्लास्टिक वेस्ट से प्लास्टिक की कुर्सी, मेज, मग, गिलास, बोतलें आदि बनाने का प्रशिक्षण प्रदान करती है। निपुण होने के बाद कामगारों के लिए प्लास्टिक उत्पाद वाली ऐसी फैक्ट्रियों में रोजगार का रास्ता आसान हो जाता है। साथ ही जो लोग खुद का छोटा प्लांट लगाना चाहते हैं, उनकी भी यह संस्था मदद करती है।