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गोरखपुर: गीडा के सीईटीपी को केंद्र सरकार की मंजूरी, नमामि गंगे योजना के तहत मिलेगा करीब 47 करोड़ रुपये
Sat, 18 Dec 2021 05:13 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 18 Dec 2021 05:13 PM IST
सार
करीब 93 करोड़ रुपये की लागत से 7.5 मिलियन लीटर/डे (एमएलडी) क्षमता वाला ट्रीटमेंट प्लांट लगना है। केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी मिलने के बाद आने वाले समय में गीडा के उद्योगों से निकलने वाले दूषित जल का शोधन हो सकेगा।
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सीईटीपी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर औद्योगिक क्षेत्र गीडा के उद्योगों से निकलने वाले दूषित जल के शोधन के लिए गीडा में लगने वाले कॉमन इफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। करीब 93 करोड़ रुपये की लागत की इस परियोजना को नमामि गंगे मिशन के तहत स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया था।
दरअसल गीडा के उद्योगों से निकलने वाला गंदा पानी बिना शोधन के आमी नदी में गिरता है। इसकी वजह से आमी नदी लगतार प्रदूषित होती रही है। इसी पर रोक के मकसद ने नमामि गंगे मिशन के तहत गीडा प्रशासन ने सीईटीपी लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
योजना के अनुसार, करीब 93 करोड़ रुपये की लागत से 7.5 मिलियन लीटर/डे (एमएलडी) क्षमता वाला ट्रीटमेंट प्लांट लगना है। केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी मिलने के बाद आने वाले समय में गीडा के उद्योगों से निकलने वाले दूषित जल का शोधन हो सकेगा। ऐसे में यह प्लांट परोक्ष रूप से गंगा नदी को भी प्रदूषित होने से बचाएगी क्योंकि आमी नदी, गंगा की सहायक नदी राप्ती नदी में मिलती है।
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दरअसल गीडा के उद्योगों से निकलने वाला गंदा पानी बिना शोधन के आमी नदी में गिरता है। इसकी वजह से आमी नदी लगतार प्रदूषित होती रही है। इसी पर रोक के मकसद ने नमामि गंगे मिशन के तहत गीडा प्रशासन ने सीईटीपी लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
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योजना के अनुसार, करीब 93 करोड़ रुपये की लागत से 7.5 मिलियन लीटर/डे (एमएलडी) क्षमता वाला ट्रीटमेंट प्लांट लगना है। केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी मिलने के बाद आने वाले समय में गीडा के उद्योगों से निकलने वाले दूषित जल का शोधन हो सकेगा। ऐसे में यह प्लांट परोक्ष रूप से गंगा नदी को भी प्रदूषित होने से बचाएगी क्योंकि आमी नदी, गंगा की सहायक नदी राप्ती नदी में मिलती है।
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नमामि गंगे योजना के तहत प्लांट के लिए मिलेगा करीब 43 करोड़ रुपये
गीडा के सीईओ पवन अग्रवाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने गीडा में बनने वाले सीईटीपी को मंजूरी दे दी है। नमामि गंगे योजना के तहत केंद्र सरकार सीईटीपी के कुल प्रोजेक्ट लागत 93 करोड़ का 50 प्रतिशत राशि देगी। ऐसे में करीब 43 करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी। 25 प्रतिशत राज्य सरकार और 25 प्रतिशत गीडा प्रशासन और उद्यमी मिलकर वहन करेंगे।
एसपीवी का होगा गठन
पवन अग्रवाल ने बताया कि सीईटीपी के संचालन के लिए स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) का गठन किया जाएगा। दरअसल यह एसपीवी एक तरह की कमेटी ही होती है, जो सीईटीपी के संचालन में आने वाले खर्च की रूपरेखा तैयार करेगी।