रेलवे घूसकांड: दिन भर कानाफूसी..अब दो और की बारी
सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने लेखा विभाग के ओएस अशोक चौधरी को 22 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोप है कि एक ठेकेदार के बिल को पास करने के एवज में ओएस ने रुपये मांगे थे। इसीलिए 22 हजार रुपये दिए गए थे, जिसके बाद टीम ने यह कार्रवाई की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लेखा विभाग के ओएस की गिरफ्तारी के बाद एनईआर मुख्यालय में अगली कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कानाफूसी है कि इस मामले में जल्द ही दो और लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है। कर्मचारियों का कहना है कि खरीद मामले में सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने पिछली बार जिन रिकाॅर्डों को खंगाला था, उसके आधार पर अभी दो और कर्मचारी रडार पर हैं।
शुक्रवार की दोपहर पूर्वोत्तर रेलवे के लेखा अनुभाग में कर्मचारी ड्यूटी पर चौकन्ने नजर आए। बाहर से आने-जाने वाले हर अनजान को शक की नजर से देख रहे थे। ऑडिट विभाग के आगे बढ़ते ही एक महिला कर्मचारी व दो तीन अन्य कर्मचारी खड़े होकर बातें कर रहे थे।
वहां से लेखा विभाग का पता पूछते ही तीनों अवाक हो चेहरा देखने लगे। कोई जवाब देने के बजाय तीनों अपने-अपने टेबल की तरफ बढ़ गए। वहां से आगे कमरे में घुसते ही कुछ कर्मचारी बृहस्पतिवार की घटना को लेकर चर्चा कर रहे थे। उनका कहना था कि ऐसी घटनाओं से ईमानदार कर्मचारियों का भी नाम खराब हो रहा है।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में सीएम योगी ने सुनी फरियाद, बोले- हर समस्या का होगा समाधान
नाम नहीं छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने कहा कि चर्चा तो यह है कि अभी दो और लोग लपेटे में आएंगे। क्योंकि भुगतान के बहुत सारे मामले लंबित हैं। मामले क्यों लंबित हैं यह तो सीबीआई को भी पता लग गया है। इसके बाद सभी कर्मचारी फिर अपने टेबल के पेंडिंग काम निपटाने में जुट गए।
मैं तो लेखा विभाग में ही भर्ती हुआ था, हैरान हूं..
नरमू के महामंत्री केएल गुप्ता शुक्रवार की दोपहर अपने केंद्रीय कार्यालय में बैठे थे। सामने कई कर्मचारी और भी थे। अखबार में लेखा विभाग के कर्मचारी की गिरफ्तारी को लेकर छपी खबर पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान केएल गुप्ता ने कहा कि मैं भी लेखा विभाग में ही भर्ती हुआ था। हैरान हूं कि आज यह नौबत आ गई। वह भी एक दौर था कि रेलवे के कर्मचारी अपने ईमानदारी के लिए जाने जाते थे, आज सीबीआई की एंटी करप्शन टीम छापेमारी कर रही है। यह बहुत कष्टदायक है। वहां बैठे अन्य कर्मचारियों का कहना था कि दो महीने में दूसरी बार ऐसा होना आश्चर्यजनक है। मतलब तो यही है कि पहले हुई घटना से कोई सबक नहीं लिया गया।
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद राय का कहना है कि ऐसी घटनाओं से रेल कर्मियों की छवि खराब हो रही है। अकेले कोई कर्मचारी फाइल को रोक नहीं सकता। इसलिए केवल कर्मचारियों को दोषी मानने के बजाय इससे जुड़े अफसरों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
यह है मामला
बृहस्पतिवार की शाम सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने लेखा विभाग के ओएस अशोक चौधरी को 22 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोप है कि एक ठेकेदार के बिल को पास करने के एवज में ओएस ने रुपये मांगे थे। इसीलिए 22 हजार रुपये दिए गए थे, जिसके बाद टीम ने यह कार्रवाई की।