फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Cases registered by GDA against the people of Singhadia Gorakhpur, will be withdrawn, the process has started

सिंघड़िया: CM योगी ने दी बड़ी राहत, जीडीए दर्ज केस लेगी वापस- भवन निर्माण के समय हुए थे दर्ज

Mon, 23 Sep 2024 11:54 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Mon, 23 Sep 2024 11:54 AM IST
सार

जीडीए ने सिंघड़िया क्षेत्र के लोगों को भी इस अभियान में शामिल कर लिया है। इस क्षेत्र में करीब 1200 वाद दाखिल है। शनिवार को जीडीए की टीम ने सिंघड़िया पहुंच कर ऐसे मकानों को चिह्नित कर उनकी तस्वीर लेने के साथ जियो टैग भी किया। सभी मकानों का जियो टैग करने के बाद यथा स्थिति फाइल में अंकित कर पक्षकारों को उनके वादों को स्थगित किए जाने का लिखित नोटिस सौंपा जाएगा।

विज्ञापन
Cases registered by GDA against the people of Singhadia Gorakhpur, will be withdrawn, the process has started
सिंघड़िया में वाद स्थगित करने को लेकर फाइल लेकर पहुंची जीडीए की टीम। स्रोत --नागरिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिंघड़िया क्षेत्र को हरित क्षेत्र से हटाकर आवासीय श्रेणी में शामिल करने के मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद वहां के बाशिंदों को राहत मिलने लगी है। जीडीए ने कुछ दिन पहले जहां ध्वस्तीकरण को लेकर जारी नोटिस को वापस लिया, वहीं अब मकान निर्माण के समय दर्ज हुए केस को वापस करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
विज्ञापन


करीब 1200 मकानों पर वाद दाखिल हैं, जिन्हें बड़ी राहत मिलेगी। जीडीए के कर्मचारी सिंघड़िया के ऐसे मकानों की तस्वीरें लेकर जियो टैग भी कर रहे हैं। इसके बाद पक्षकारों को वाद स्थगित करने संबंधित राहत की नोटिस दी जाएगी।
विज्ञापन


गोरखपुर महायोजना 2031 लागू होने के बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण हरित पट्टी एवं विनियमितीकरण की पत्रावलियों को अलग कर रहा है। महायोजना में 25 कॉलोनियों को विनियमित क्षेत्र से हटाकर आवासीय श्रेणी में शामिल कर दिया। इससे इन कॉलोनियों के करीब आठ से 10 हजार लोगों को राहत मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी के साथ जीडीए ने सिंघड़िया क्षेत्र के लोगों को भी इस अभियान में शामिल कर लिया है। इस क्षेत्र में करीब 1200 वाद दाखिल है। शनिवार को जीडीए की टीम ने सिंघड़िया पहुंच कर ऐसे मकानों को चिह्नित कर उनकी तस्वीर लेने के साथ जियो टैग भी किया। सभी मकानों का जियो टैग करने के बाद यथा स्थिति फाइल में अंकित कर पक्षकारों को उनके वादों को स्थगित किए जाने का लिखित नोटिस सौंपा जाएगा।

इनके मकानों की ली गई तस्वीरें
महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर-2 के श्रवण नगर में भरत सिंह, अवधेश दुबे, सिंघड़िया महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर-2 में आरएन यादव, विनय कुमार मिश्रा, हरिशंकर, रणजीत, रामदेव, सुनीता चौबे, रितु सिंह, सुमन शाही, आलोक शाही, लक्ष्मी देवी, रमापति शुक्ला के भवनों की प्राधिकरण के अवर अभियंताओं ने तस्वीरें लीं और उन्हें जियो टैग किया। यही प्रक्रिया अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से की जा रही है।

जीडीए उपाध्यक्ष, आनंद वर्द्धन ने बताया कि विनियमित क्षेत्र में बने भवनों के मालिकों पर जो वाद दाखिल हुए थे, उसे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। इसमें सिंघड़िया क्षेत्र भी शामिल किया गया है। नए निर्माण पर रोक रहगी।

Cases registered by GDA against the people of Singhadia Gorakhpur, will be withdrawn, the process has started
जीडीए( सांकेतिक) - फोटो : एक्स
वाद अनुभाग की बैठक के जीडीए ने शुरू की प्रक्रिया
11 सितंबर 2024 को गोरखपुर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में हुई वाद अनुभाग की बैठक में गोरखपुर महायोजना 2031 में विनियमित की गई कॉलोनियों से संबंधित वाद (मुकदमों से संबंधित) की फाइलें स्थगित करने का निर्देश दिया था। बाकायदा निर्णय लिया गया था कि वाद स्थगित करने के साथ ही पक्षकारों को भी लिखित रूप से अवगत कराया जाए कि उनका वाद स्थगित किया गया है, ताकि उन्हें बाद में किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

इस क्रम में सुपरवाइजर यह भी सुनिश्चित कराएंगे कि उनकी ओर से वितरित नोटिसों को पक्षकारों को सीधे प्राप्त कराया गया है। प्राप्ति की रसीद भी ली गई है। जीडीए के अनुसार, विनियमित क्षेत्र में लगभग 24 हजार भवनों को नोटिस जारी किए हैं। हालांकि, सभी क्षेत्र विनियमित नहीं हो सके। प्राधिकरण का मानना है कि करीब आठ से 10 हजार तक वाद स्थगित होंगे।

प्राधिकरण के रडार पर है नए निर्माण

विनियमित की गई कॉलोनियों में ऑफलाइन मानचित्र के लिए प्राधिकरण आवेदन ले रहा है, लेकिन मानचित्र के लिए आवेदन नहीं आ रहे हैं। ऐसे में जिन भवनों से संबंधित वाद स्थगित किए जा रहे उनकी यथास्थिति जियो टैग की जा रही, ताकि जब वे नया या अतिरिक्त निर्माण कार्य करें तो नियमानुसार उसके लिए मानचित्र संबंधी प्रक्रिया पूर्ण करें।

प्राधिकरण उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन का स्पष्ट निर्देश है कि विनियमित क्षेत्र में किसी पुराने निर्माण को नोटिस न दिया जाए, लेकिन नए निर्माण पर कड़ी निगाह रखी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed