Gorakhpur: नवजात की मौत का मामला, बीआरडी के डॉ. गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज, सहयोगियों को भी बनाया गया आरोपी
सौरभ का आरोप है जिस समय डॉ. सुधीर ने बच्चे को इंजेक्शन लगाया, तब उनके सहयोगी डॉक्टर बगल में खड़े थे। इन लोगों ने जानबूझ कर बच्चे को गलत इंजेक्शन लगाकर हत्या की है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर गुप्ता और उनके सहयोगियों पर चिलुआताल थाना पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। लापरवाही की वजह से नवजात की मौत के मामले में सीएमओ की ओर से गठित पांच सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
बीते पांच मार्च को करीमनगर स्थित ग्रीनलैंड हॉस्पिटल में टीका लगने के बाद नवजात की तबीयत बिगड़ गई थी। परिजन इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज लेकर गए, जहां इलाज के दौरान नवजात की मौत हो गई। मामले में परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी।
गगहा के अतायर निवासी सौरभ कुमार राय ने चिलुआताल थाना पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि पांच मार्च को अपने सात दिन के बच्चे को लेकर करीमनगर स्थित ग्रीनलैंड हॉस्पिटल में टीका लगवाने पहुंचे थे। आरोप है कि डॉ. सुधीर गुप्ता ने उसे इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाने के 10 मिनट बाद नवजात की तबीयत बिगड़ने लगी। इस पर तत्काल उन्होंने एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए भेजा। वहां इलाज के दौरान नवजात की मौत हो गई। उन्होंने डॉ. सुधीर गुप्ता को यह कहते हुए सुना कि बच्चे को गलत इंजेक्शन लग गया है। इसका बचना मुश्किल है।
सौरभ का आरोप है जिस समय डॉ. सुधीर ने बच्चे को इंजेक्शन लगाया, तब उनके सहयोगी डॉक्टर बगल में खड़े थे। इन लोगों ने जानबूझ कर बच्चे को गलत इंजेक्शन लगाकर उसकी हत्या की है। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि सीएमओ की रिपोर्ट पर डॉ. सुधीर गुप्ता और उनके सहयोगियों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच चिलुआताल थाना पुलिस कर रही है। आगे जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
इस धारा में दर्ज हुआ है केस
डॉ. सुधीर गुप्ता और उनके सहयोगियों पर सीएमओ की जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर 304-ए के तहत केस दर्ज किया गया है। धारा 304-ए आईपीसी लापरवाही के कारण हुई मौत से संबंधित है। इसमें कोई व्यक्ति लापरवाही भरा काम करके किसी व्यक्ति की मौत का कारण बनता है, जो गैर इरादतन मानव हत्या की श्रेणी में नहीं आता है।
ग्रीनलैंड हॉस्पिटल से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। न ही उस हॉस्पिटल में मैं मरीज देखने जाता हूं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज का डॉक्टर हूं। जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह पूरी तरह से निराधार हैं। -डॉ सुधीर गुप्ता, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, बीआरडी मेडिकल कॉलेज