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यूपी: छह करोड़ के धान गबन में मिल संचालक समेत छह पर केस, कई बड़े नाम भी शामिल

Thu, 15 Jul 2021 08:23 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 15 Jul 2021 08:23 PM IST
सार

जेडास राइस मिल के संचालक ध्रुव नारायण, भाई और परिवार की दो महिला सदस्य के विरुद्ध मुकदमा, धोखाधड़ी, गबन, साजिश रचने सहित कई आपराधिक धाराओं में केस दर्ज।

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Case on six including mill operator in paddy embezzlement of six crores in Gorakhpur
राइस मिल। (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रादेशिक कोऑपरेटिव फेडरेशन (पीसीएफ) के जिला प्रबंधक शोभनाथ गौड़ ने जेडास राइस मिल के संचालक ध्रुव नारायण, उनके भाई अजीत कुमार, परिवार की दो महिला सदस्यों सहित छह लोगों के खिलाफ सहजनवां थाने में केस दर्ज कराया है। इन पर करीब छह करोड़ रुपये का धान हड़पने, साजिश रचने सहित अन्य आरोप लगाए गए हैं।

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पीसीएफ जिला प्रबंधक शोभनाथ गौड़ के अनुसार पाली ब्लॉक के लखनापाल गांव निवासी ध्रुव नारायण सिंह की जेडास राइस मिल को करीब छह करोड़ रुपये कीमत का धान कूट कर चावल निकालने के लिए आवंटित किया गया था। निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद जब चावल और भूसी लेने के लिए मिलर से संपर्क किया गया तो फैक्टरी बंद पाई गई, फैक्टरी के गोदाम भी खाली थे।
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संचालक ध्रुव नारायण लखनापाल स्थित आवास पर नहीं मिले और न ही परिवार के अन्य सदस्य ही मिले। गांव वालों से जानकारी मिली कि संचालक ध्रुव नारायण फरार हैं। उन्होंने आला अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। अधिकारियों के निर्देश पर जिला प्रबंधक ने ध्रुव नारायण, उनके भाई अजीत कुमार, परिवार की दो महिला सदस्यों सहित छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का केस दर्ज कराया।
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एसएचओ सहजनवां राज प्रताप सिंह ने बताया कि पीसीएफ जिला प्रबंधक शोभनाथ गौड़ की तहरीर पर जेडास राइस मिल संचालक सहित छह लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद मामले की परतें खुलेंगी।  

अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध

छह करोड़ रुपये कीमत के धान की धोखाधड़ी मामले में अधिकारियों पर भी प्रश्न चिह्न लग रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि मिलर को धान देने के बाद अधिकारियों को उसके संपर्क में रहना चाहिए था। छह करोड़ रुपये कीमत का धान इतना कम नहीं होता कि कोई रातों-रात पार कर दे।

राइस मिल से इतनी बड़ी मात्रा में धान इधर से उधर कर दिया गया और अधिकारियों को भनक न लगना संदिग्ध प्रतीत होता है। धान कुटाई के जानकार कहते हैं कि मिलर जैसे-जैसे धान कूटता जाता है चावल और भूसी पीसीएफ या पीसीयू को देता जाता है। सारा चावल इकट्ठा ही कूट कर नहीं दिया जाता। यदि अधिकारी धान आवंटन के बाद से ही मिलर के काम की निगरानी करते तो शायद यह घपला न होता।

पहले भी हुई है धोखाधड़ी
पीसीएफ सूत्रों के मुताबिक दो साल पहले भी इसी तरह की धोखाधड़ी हुई थी। तब पूर्वी सहजनवां तहसील क्षेत्र के गीडा सेक्टर 13 स्थित स्वास्तिक मिलर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया गया था। जांच में स्वास्तिक मिलर दोषी पाया गया था और उसके खिलाफ आरसी जारी की गई थी। आरसी तो जारी हुई लेकिन विभाग आज तक वसूली नहीं कर सका। जानकारों को आशंका है कि कहीं जेडास राइस मिल का मामला भी  स्वास्तिक मिल की तरह ही कागजों में दम न तोड़ दे।

 

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