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डीडीयू में छात्रा की मौत का मामला: सीन री-क्रिएट कर प्रियंका की मौत का खोजा राज, जांच के बाद लखनऊ लौट गई टीम
Wed, 11 Aug 2021 02:46 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 11 Aug 2021 02:46 PM IST
सार
ट्यूब लाइट का हुक मजबूत मिला, ज्यादा भार झेलने में सक्षम। एफएसएल की टीम करीब डेढ़ घंटे तक गोरखपुर यूनिवर्सिटी में रही।
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मृत छात्रा प्रियंका की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर यूनिवर्सिटी की छात्रा प्रियंका की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए मंगलवार को एफएसएल की टीम ने सीन री-क्रिएट किया। टीम ने पुलिस को बताया कि ट्यूब लाइट के जिस हुक से छात्रा का शव लटका मिला था वह और ज्यादा भार झेल सकता है। हर एंगल की गहनता से जांच के बाद टीम लखनऊ लौट गई। अब दो से तीन दिन में रिपोर्ट आ सकती है। इसके बाद साफ होगा कि छात्रा की मौत कैसे हुई।
जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर यूनिवर्सिटी के गृह विज्ञान विभाग के स्टोर रूम में 31 जुलाई को बीएससी गृह विज्ञान तृतीय वर्ष की छात्रा प्रियंका कुमारी का शव फंदे से लटकता मिला था। पुलिस ने मामले में छात्रा के पिता की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज किया था। इसके बाद पूरा मामला उलझ गया।
मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए सीन री-क्रिएट कराने का फैसला लिया गया था। मंगलवार को लखनऊ से आई एफएसएल की टीम ने घटनास्थल की बारीकि से छानबीन की। सुबह 9.35 बजे लखनऊ फोरेंसिक साइंस लैब की टीम और स्थानीय अधिकारियों की टीम गृह विज्ञान विभाग पहुंची। इस दौरान विवेचक सीओ जगत राम कन्नौजिया के साथ कैंट की पुलिस भी मौजूद रही।
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घटना के बाद सील विभाग और घटनास्थल के स्टोर रूम का ताला खुलवाया गया। टीम ने दीक्षा भवन स्थित छात्रा के परीक्षा कक्ष से मौत स्थल तक का निरीक्षण किया। प्रियंका के शव के वजन के बराबर की डमी के सहारे घटना को री-क्रिएट किया। यह जानने का प्रयास किया गया कि ट्यूब लाइट का हुक डमी का वजन उठाने में सक्षम है या नहीं।
घटनास्थल पर एक-एक कदम की माप की गई। ट्यूब लाइट के हुक में लगे फंदे और छात्रा प्रियंका के गले में लगे फंदे, छात्रा की लंबाई, हैंगिंग हुक की ऊंचाई, आदि की माप ली गई। इस दौरान एक-एक प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई।
टीम तकरीबन डेढ़ घंटे विश्वविद्यालय परिसर रही और घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के बाद चली गई। टीम दो से तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद प्रियंका की मौत का खुलासा हो सकेगा।
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जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर यूनिवर्सिटी के गृह विज्ञान विभाग के स्टोर रूम में 31 जुलाई को बीएससी गृह विज्ञान तृतीय वर्ष की छात्रा प्रियंका कुमारी का शव फंदे से लटकता मिला था। पुलिस ने मामले में छात्रा के पिता की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज किया था। इसके बाद पूरा मामला उलझ गया।
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मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए सीन री-क्रिएट कराने का फैसला लिया गया था। मंगलवार को लखनऊ से आई एफएसएल की टीम ने घटनास्थल की बारीकि से छानबीन की। सुबह 9.35 बजे लखनऊ फोरेंसिक साइंस लैब की टीम और स्थानीय अधिकारियों की टीम गृह विज्ञान विभाग पहुंची। इस दौरान विवेचक सीओ जगत राम कन्नौजिया के साथ कैंट की पुलिस भी मौजूद रही।
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घटना के बाद सील विभाग और घटनास्थल के स्टोर रूम का ताला खुलवाया गया। टीम ने दीक्षा भवन स्थित छात्रा के परीक्षा कक्ष से मौत स्थल तक का निरीक्षण किया। प्रियंका के शव के वजन के बराबर की डमी के सहारे घटना को री-क्रिएट किया। यह जानने का प्रयास किया गया कि ट्यूब लाइट का हुक डमी का वजन उठाने में सक्षम है या नहीं।
घटनास्थल पर एक-एक कदम की माप की गई। ट्यूब लाइट के हुक में लगे फंदे और छात्रा प्रियंका के गले में लगे फंदे, छात्रा की लंबाई, हैंगिंग हुक की ऊंचाई, आदि की माप ली गई। इस दौरान एक-एक प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई।
टीम तकरीबन डेढ़ घंटे विश्वविद्यालय परिसर रही और घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के बाद चली गई। टीम दो से तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद प्रियंका की मौत का खुलासा हो सकेगा।