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दिव्यांग बच्चा पैदा होने पर चार डॉक्टरों पर छल-धोखा देने का केस, जानिए क्या है पूरा मामला
Fri, 25 Dec 2020 07:52 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 25 Dec 2020 07:52 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दिव्यांग बच्चा पैदा होने के मामले में कैंट पुलिस ने बृहस्पतिवार को शहर के डॉ. अरुण छापड़िया, डॉ. अंजू मिश्रा, डॉ. नेहल छापड़िया व सहजनवां की डॉ. काजल के खिलाफ छल व धोखा देने के आरोप में केस दर्ज किया है। पुलिस अब मामले की जांच में जुट गई है।
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पुलिस के अनुसार पीड़ित ने बच्चे के पैदा होने के पहले इन चारों डॉक्टरों के यहां समय-समय पर जांच कराई थी। इन डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में बच्चे का तंदरुस्त होना बताया था। जबकि जिला अस्पताल में बच्चा दिव्यांग पैदा हुआ। शिकायत के बाद सीएमओ ने जांच की तो उसमें आरोप सही पाए गए। जिसके बाद जांच आख्या व तहरीर के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
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जानकारी के अनुसार, गीडा के देईपार निवासी अभिषेक पांडेय ने दी गई तहरीर में बताया कि उन्होंने 27 वर्षीय पत्नी अनुराधा के गर्भधारण के बाद गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य व विकास के संबंध में जानकारी के लिए डॉक्टरों से जांच कराई। 20 जनवरी को हनुमान मंदिर रोड बेतियाहाता में डॉक्टर अरूणा छापड़िया, 30 मार्च को बेतियाहाता में डॉ. अंजू मिश्रा से चेकअप कराया।
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पति पत्नी ने पहले डीएम से की थी शिकायत
नौ मई को बेतियाहाता में ही डॉ. नेहल छापड़िया और 5 अगस्त को सहजनवां में डॉ. काजल से जांच कराई। इनके कहने पर 19वें, 25वें, 32वें व 35वें हफ्ते में लेवल टू कलर डाप्लर (गर्भस्थ शिशु की संपूर्ण शारीरिक बनावट व स्थित के बारे में) जांच कराई।
जांच रिपोर्ट देखकर इन डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा पूर्ण रूप से स्वस्थ है। महिला को 15 अगस्त 2020 को जिला महिला अस्पताल में बच्चा पैदा हुआ। जो जन्मजात दिव्यांग है। उसका एक हाथ विकसित ही नहीं हुआ है। नाक व ललाट भी अविकसित है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे मानसिक व शारीरिक रूप से दिव्यांग बताया है।
दंपती ने दिव्यांग बच्चा पैदा होने के बाद डीएम और आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी। सीएमओ ने पूरे मामले में मेडिकल बोर्ड गठित कर जांच कराई। जांच आख्या में भी इन डॉक्टरों की लापरवाही व अनियमितता पाई गई। जिसके बाद पीड़ित ने जांच आख्या रिपोर्ट के साथ पुलिस को तहरीर दी।
कैंट इंस्पेक्टर अनिल उपाध्याय ने कहा कि तहरीर व मेडिकल बोर्ड की जांच आख्या के आधार पर चारों डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। जल्द ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच रिपोर्ट देखकर इन डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा पूर्ण रूप से स्वस्थ है। महिला को 15 अगस्त 2020 को जिला महिला अस्पताल में बच्चा पैदा हुआ। जो जन्मजात दिव्यांग है। उसका एक हाथ विकसित ही नहीं हुआ है। नाक व ललाट भी अविकसित है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे मानसिक व शारीरिक रूप से दिव्यांग बताया है।
दंपती ने दिव्यांग बच्चा पैदा होने के बाद डीएम और आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी। सीएमओ ने पूरे मामले में मेडिकल बोर्ड गठित कर जांच कराई। जांच आख्या में भी इन डॉक्टरों की लापरवाही व अनियमितता पाई गई। जिसके बाद पीड़ित ने जांच आख्या रिपोर्ट के साथ पुलिस को तहरीर दी।
कैंट इंस्पेक्टर अनिल उपाध्याय ने कहा कि तहरीर व मेडिकल बोर्ड की जांच आख्या के आधार पर चारों डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। जल्द ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।