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बंदी के भाई को फोन कर बंदी रक्षक ने मांगा सुविधा शुल्क, कहा- 'पैसे दो नहीं तो...'

Thu, 02 Jul 2020 02:34 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर।
अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 02 Jul 2020 02:34 PM IST
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captive guards asked for facility fee by calling prisoners brother
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

फर्जी दस्तावेज लगाकर शिक्षक बनने के आरोप में गिरफ्तार होकर चंद दिन पहले जेल भेजे गए व्यक्ति से काम नहीं कराने के लिए एक बंदी रक्षक ने उसके भाई को 3500 रुपये सुविधा शुल्क मांग लिए। सुविधा शुल्क नहीं पहुंचाने पर बंदी को कमान यानी जेल में काम पर लगा दिए जाने की नसीहत दी। जेल अधीक्षक ने बंदी रक्षक का पता लगाकर उसके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।

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मूलरूप से देवरिया जिले के एक युवक को फर्जी दस्तावेज पर शिक्षक बनने के आरोप में गिरफ्तार कर चंद दिन पहले ही जेल भेजा गया है। फर्जी शिक्षक को फिलहाल क्वारंटीन बैरक में रखा गया है। शिक्षक के भाई का आरोप है कि दो दिन पहले उनके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को जिला कारागार काबंदी रक्षक बताया और कहा कि आपके भाई का बैठकी यानी 3500 रुपये सुविधा शुल्क अभी तक नहीं पहुंचा है।
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उन्होंने बताया कि सुविधा शुल्क वह खुद जेल के दरवाजे पर मौजूद एक बंदी रक्षक को देकर आए थे। इस पर कॉल करने वाले ने कहा कि उसने सब से पता कर लिया है, सुविधा शुल्क नहीं मिला है। यदि बैठकी नहीं जमा कराई तो आपके भाई को कमान पर भेज कर काम कराया जाएगा।
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क्या है बैठकी

फर्जी शिक्षक के भाई का कहना है कि बैठकी के अलावा बंदी के खर्च के लिए भी धन मांगा जाता है। इसमें से कुछ कमीशन काट कर बाकी धन बंदी को दे दिया जाता है। परिवार वालों की ओर से भेजे गए खर्च के रुपयों से बंदी कारागार के अंदर अपने उपयोग का सामान खरीद सकते हैं।

जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि वह बंदी रक्षक की जानकारी लेकर उससे स्पष्टीकरण तलब करेंगे। उन्होंने सभी बंदियों के परिजनों से अपील की है कि किसी को भी कोई धन नहीं दें।

जेल सूत्रों के अनुसार बैठकी का अर्थ होता है कि बंदी से काम नहीं लिया जाएगा। जेल में आने वाले व्यक्ति से एक बार बैठकी वसूल की जाती है। जो बंदी यह शुल्क नहीं जमा करता है तो उसे कमान पर यानी काम पर लगा दिया जाता है। जेल में बैठकी नहीं दे पाने वाले बंदी और कैदी भंडारा, अंदर बाग या सर्किल कमान में काम पर लगा दिए जाते हैं। सूत्रद् बताते हैं कि लॉकडाउन के कारण बैठकी शुल्क का रेट घटा कर 3500 रुपये कर दिया गया है। लॉकडाउन से पहले 15,000 रुपये था।
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