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UP News: कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद को मिली जमानत, एमपी-एमएलए कोर्ट ने जारी किया था समन
Wed, 10 Aug 2022 02:32 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 10 Aug 2022 02:32 PM IST
सार
सीजेएम ने शाहपुर पुलिस को आदेश दिया था कि डॉ. संजय को गिरफ्तार करके बुधवार (10 अगस्त) को कोर्ट में पेश किया जाए। हालांकि उन्हें इस मामले में जमानत मिल गई है।
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कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के लिए राहत भरी खबर है। एमपी-एमएलए कोर्ट नंबर दो गोरखपुर ने कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के खिलाफ समन जारी कर दिया था। सीजेएम ने शाहपुर पुलिस को आदेश दिया था कि डॉ. संजय को गिरफ्तार करके बुधवार (10 अगस्त) को कोर्ट में पेश किया जाए। हालांकि उन्हें इस मामले में जमानत मिल गई है।
मजिस्ट्रेट प्रभात त्रिपाठी के सामने कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने जमानत याचिका प्रस्तुत की। जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई है।
सरकारी नौकरी में निषादों को पांच फीसदी आरक्षण देने की मांग को लेकर वर्ष 2015 में संतकबीरनगर के कसरवल में बवाल हुआ था। आंदोलनकारी व पुलिस-प्रशासन आमने-सामने आ गए थे। बवाल के दौरान एक युवक की मौत हो गई थी। इससे नाराज आंदोलनकारियों ने रेलवे ट्रैक बाधित कर दिया था। रेल की पटरियां उखाड़ दी गई थीं। इससे ट्रेनों का आवागमन ठप हो गया था।
इस मामले में आरपीएफ बस्ती-संतकबीरनगर ने भी मुकदमा दर्ज किया था। इसकी सुनवाई गोरखपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट नंबर दो में चल रही थी।
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मजिस्ट्रेट प्रभात त्रिपाठी के सामने कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने जमानत याचिका प्रस्तुत की। जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई है।
सरकारी नौकरी में निषादों को पांच फीसदी आरक्षण देने की मांग को लेकर वर्ष 2015 में संतकबीरनगर के कसरवल में बवाल हुआ था। आंदोलनकारी व पुलिस-प्रशासन आमने-सामने आ गए थे। बवाल के दौरान एक युवक की मौत हो गई थी। इससे नाराज आंदोलनकारियों ने रेलवे ट्रैक बाधित कर दिया था। रेल की पटरियां उखाड़ दी गई थीं। इससे ट्रेनों का आवागमन ठप हो गया था।
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इस मामले में आरपीएफ बस्ती-संतकबीरनगर ने भी मुकदमा दर्ज किया था। इसकी सुनवाई गोरखपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट नंबर दो में चल रही थी।