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गोरखपुर में मरीज माफिया: बीआरडी का एक डॉक्टर गया जेल, अब सभी डॉक्टरों की होगी जांच
Thu, 11 May 2023 11:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 May 2023 11:28 AM IST
सार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य गणेश कुमार ने कहा कि बीआरडी के स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वॉय का नाम निजी एंबुलेंस से निजी अस्पताल भेजने के मामले में सामने आया है। कमेटी बनाकर जांच कराई जा रही है। इसके अलावा सीनियर डॉक्टरों की एक और कमेटी बनाई जाएगी, जो बीआरडी के डॉक्टरों पर नजर रखेगी कि कहीं यह निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस तो नहीं कर रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर में एंबुलेंस और निजी अस्पतालों के खेल में बीआरडी के भी कई डॉक्टर निशाने पर हैं। स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वॉय की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मरीजों को निजी एंबुलेंस से भेजने के खेल में कई डॉक्टरों की भूमिका संदिग्ध है। इसकी जानकारी होने पर कॉलेज प्रशासन ने अपने डॉक्टरों के खिलाफ जांच का फैसला लिया है। बता दें, भटहट के सत्यम हॉस्पिटल में मरीज की मौत के मामले में बीआरडी का एक डॉक्टर जेल जा चुका है।
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प्राचार्य ने सख्त हिदायत दी है कि बीआरडी का कोई भी डॉक्टर अगर निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस करते मिलते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके लिए सीनियर डॉक्टरों के नेतृत्व में कमेटी बनाई जाएगी।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर के ठीक सामने निजी एंबुलेंस से स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वॉय की मिलीभगत से मरीजों को निजी अस्पताल में पहुंचाया जा रहा है। इस बात का खुलासा भी हो चुका है। मामले में गुलरिहा थाना पुलिस ने पहली बार बीआरडी के स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वॉय के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया है।
पूछताछ में यह बात सामने आई है कि कॉलेज के एक डॉक्टर ने स्टाफ नर्स को निजी अस्पताल में भेजने की बात कही थी। मामले की जानकारी कॉलेज प्रशासन को हुई तो प्राचार्य ने जांच का फैसला लिया है।
इसके लिए प्राचार्य ने नेहरू अस्पताल के एसआईसी डॉ. राजेश राय के नेतृत्व में कमेटी भी बनाई है। इसके अलावा कॉलेज प्रशासन ने यह भी फैसला लिया है कि सीनियर डॉक्टरों की कमेटी बनाई जाएगी जो डॉक्टरों पर नजर रखेगी।
साक्ष्य के साथ करेंगे शिकायत तो होगी जांच
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वॉय के नाम सामने आए हैं। अगर कोई भी साक्ष्य के साथ यह शिकायत करता है कि निजी अस्पतालों में बीआरडी के स्थायी डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
फर्जीवाड़े में बीआरडी का एक डॉक्टर जा चुका है जेल
भटहट के सत्यम हॉस्पिटल में मरीज की मौत के मामले में बीआरडी का एक डॉक्टर जेल जा चुका है। डॉक्टर सुनील कुमार सरोज पर आरोप है कि उसके नाम पर अस्पताल का स्थायी पंजीकरण था। लेकिन, वह अस्पताल में न बैठकर दिल्ली में पीजी की पढ़ाई कर रहा था। जबकि, उसके नाम पर अस्पताल में झोलाछाप मरीजों का ऑपरेशन कर रहा था।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य गणेश कुमार ने कहा कि बीआरडी के स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वॉय का नाम निजी एंबुलेंस से निजी अस्पताल भेजने के मामले में सामने आया है। कमेटी बनाकर जांच कराई जा रही है। इसके अलावा सीनियर डॉक्टरों की एक और कमेटी बनाई जाएगी, जो बीआरडी के डॉक्टरों पर नजर रखेगी कि कहीं यह निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस तो नहीं कर रहे हैं। अगर ऐसा करते हैं तो कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
फर्जीवाड़े में बीआरडी का एक डॉक्टर जा चुका है जेल
भटहट के सत्यम हॉस्पिटल में मरीज की मौत के मामले में बीआरडी का एक डॉक्टर जेल जा चुका है। डॉक्टर सुनील कुमार सरोज पर आरोप है कि उसके नाम पर अस्पताल का स्थायी पंजीकरण था। लेकिन, वह अस्पताल में न बैठकर दिल्ली में पीजी की पढ़ाई कर रहा था। जबकि, उसके नाम पर अस्पताल में झोलाछाप मरीजों का ऑपरेशन कर रहा था।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य गणेश कुमार ने कहा कि बीआरडी के स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वॉय का नाम निजी एंबुलेंस से निजी अस्पताल भेजने के मामले में सामने आया है। कमेटी बनाकर जांच कराई जा रही है। इसके अलावा सीनियर डॉक्टरों की एक और कमेटी बनाई जाएगी, जो बीआरडी के डॉक्टरों पर नजर रखेगी कि कहीं यह निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस तो नहीं कर रहे हैं। अगर ऐसा करते हैं तो कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।